Monday, 19 October 2015

तेरे दर को छोड़ के किस दर जाऊं मैं । Tere Dar Ko Chhod Ke Kis Dar Jayun Main

तेरे दर को छोड़ के किस दर जाऊं मैं ।
देख लिया जग सारा मैने तेरे जैसा मीत नहीं ।
तेरे जैसा प्रबल सहारा तेरे जैसी प्रीत नहीं ।
किन शब्दों में आपकी महिमा गाऊं मैं ॥
अपने पथ पर आप चलूं मैं मुझमे इतना ज्ञान नहीं ।
हूँ मति मंद नयन का अंधा भला बुरा पहचान नहीं ।
हाथ पकड़ कर ले चलो ठोकर खाऊं मैं ॥

तू प्यार का सागर है, तू प्यार का सागर है, तेरी एक बून्द के प्यासे हम, तेरी एक बून्द के प्यासे हम - Tu Pyar Ka Saagar Hai, Teri Ek Boondh Ke Pyase Hum


तू प्यार का सागर है, तू प्यार का सागर है,

तेरी एक बून्द के प्यासे हम, तेरी एक बून्द के प्यासे हम,



लौटा जो दिया तूने, लौटा जो दिया तूने,
चले जाएंगे जहां से हम, चले जाएंगे जहां से हम,
तू प्यार का सागर है, तू प्यार का सागर है,
तेरी एक बून्द के प्यासे हम, तेरी एक बून्द के प्यासे हम,
तू प्यार का सागर है,

घायल मन का पागल पन्छी, उड़ने को बेकरार, उड़ने को बेकरार,
पंख है कोमल आंख है धुंधली, जाना है सागर पार, जाना है सागर पार,
अब तू ही इसे समझा, अब तू ही इसे समझा,
राह भूले थे कहाँ से हम, राह भूले थे कहाँ से हम,
तू प्यार का सागर है, तेरी एक बून्द के प्यासे हम,
तू प्यार का सागर है, तेरी एक बून्द के प्यासे हम,

इधर झूम के गाये ज़िन्दगी, उधर है मौत खडी, उधर है मौत खडी,
कोई क्या जाने कहाँ है सीमा, उलझन आन पडी, उलझन आन पडी,
कानों मे जरा कह दे, कानों मे जरा कह दे,
कि आये कौन दिशा से हम, कि आये कौन दिशा से हम,
तू प्यार का सागर है, तेरी एक बून्द के प्यासे हम,
तू प्यार का सागर है, तेरी एक बून्द के प्यासे हम

तोरा मन दर्पण कहलाये भले, बुरे सारे कर्मों को देखे और दिखाए - Tora Mann Darpan Kehlaye Bhale, Bure Saare Karmo Ko Dekhe aur Dikhayein



तोरा मन दर्पण कहलाये भले, 


बुरे सारे कर्मों को देखे और दिखाए




मन ही देवता मन ही इश्वर मन से बड़ा न कोई 
मन उजियारा ,जब जब फैले जग उजियारा होए 
इस उजाले दर्पण पर प्राणी, धूल ना जमने पाए 
तोरा मन दर्पण कहलाये .......

सुख की कलियाँ, दुःख के कांटे मन सब का आधार 
मन से कोई बात छुपे न मन के नैन हजार 
जग से चाहे भाग ले कोई मन से भाग न पाये 
तोरा मन दर्पण कहलाये ......

पाँच पाण्डव तथा सौ कौरवों के नाम ये थे ... Panch Pandav Thatha Sau Kauravon Ke Naam Yeh The...



पाँच पाण्डव तथा सौ कौरवों के नाम ये थे ....


पाण्डव पाँच भाई थे जिनके नाम हैं -
1. युधिष्ठिर
2. भीम
3. अर्जुन


4. नकुल
5. सहदेव
( इन पांचों के अलावा , महाबली कर्ण भी कुंती के 
ही पुत्र थे, परन्तु उनकी गिनती पांडवों में 
नहीं की जाती है )

यहाँ ध्यान रखें कि पाण्डु के उपरोक्त 
पाँचों पुत्रों में से युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन 
की माता कुन्ती थीं  तथा नकुल और सहदेव 
की माता माद्री थी ।

वहीँ धृतराष्ट्र और गांधारी के सौ पुत्र 

कौरव कहलाए जिनके नाम हैं -
1. दुर्योधन
2. दुःशासन
3. दुःसह
4. दुःशल
5. जलसंघ
6. सम
7. सह
8. विंद
9. अनुविंद
10. दुर्धर्ष
11. सुबाहु
12. दुषप्रधर्षण
13. दुर्मर्षण
14. दुर्मुख
15. दुष्कर्ण
16. विकर्ण
17. शल
18. सत्वान
19. सुलोचन
20. चित्र
21. उपचित्र
22. चित्राक्ष
23. चारुचित्र
24. शरासन
25. दुर्मद
26. दुर्विगाह
27. विवित्सु
28. विकटानन्द
29. ऊर्णनाभ
30. सुनाभ
31. नन्द
32. उपनन्द
33. चित्रबाण
34. चित्रवर्मा
35. सुवर्मा
36. दुर्विमोचन
37. अयोबाहु
38. महाबाहु
39. चित्रांग
40. चित्रकुण्डल
41. भीमवेग
42. भीमबल
43. बालाकि
44. बलवर्धन
45. उग्रायुध
46. सुषेण
47. कुण्डधर
48. महोदर
49. चित्रायुध
50. निषंगी
51. पाशी
52. वृन्दारक
53. दृढ़वर्मा
54. दृढ़क्षत्र
55. सोमकीर्ति
56. अनूदर
57. दढ़संघ
58. जरासंघ
59. सत्यसंघ
60. सद्सुवाक
61. उग्रश्रवा
62. उग्रसेन
63. सेनानी
64. दुष्पराजय
65. अपराजित
66. कुण्डशायी
67. विशालाक्ष
68. दुराधर
69. दृढ़हस्त
70. सुहस्त
71. वातवेग
72. सुवर्च
73. आदित्यकेतु
74. बह्वाशी
75. नागदत्त
76. उग्रशायी
77. कवचि
78. क्रथन
79. कुण्डी
80. भीमविक्र
81. धनुर्धर
82. वीरबाहु
83. अलोलुप
84. अभय
85. दृढ़कर्मा
86. दृढ़रथाश्रय
87. अनाधृष्य
88. कुण्डभेदी
89. विरवि
90. चित्रकुण्डल
91. प्रधम
92. अमाप्रमाथि
93. दीर्घरोमा
94. सुवीर्यवान
95. दीर्घबाहु
96. सुजात
97. कनकध्वज
98. कुण्डाशी
99. विरज
100. युयुत्सु

(इन 100 भाइयों के अलावा कौरवों की एक बहन 
भी थी जिसका नाम "दुशाला" था, जिसका विवाह 
"जयद्रथ" से हुआ था )

Friday, 16 October 2015

पीनी हे तो पी हरी नाम वाली पी, तुझे रोकता हे कोन चाहे सुबह शाम पी ! - Peeni Hai To Pee Hari Naam Wali Pee Tujhe Rokta Kaun Hai Chahe Subah Shaam Pee

पीनी हे तो पी हरी नाम वाली पी,
तुझे रोकता हे कोन चाहे सुबह शाम पी !

वो तो मीरा ने भी पी तो कमाल हो गया
उसे प्याले में श्याम का दीदार हो गया !

वो तो राधा ने भी पी तो कमाल हो गया
उसे मुरली में श्याम का दीदारहो गया !

वो तो धन्ने ने भी पी तो कमाल हो गया
उसे सिल बट्टे में श्याम का दीदार हो गया !

वो तो अहिल्या ने भी पी तो कमाल हो गया
उसे ठोकर में राम का दीदार होगया !

वो तो भीलनी ने भी पी तो कमाल हो गया
उसे बेरों में राम का दीदार हो गया !

वो तो भक्तो ने भी पी तो कमाल हो गया
उन्हें कीर्तन में श्याम का दीदार हो गया !

पीनी हे तो पी हरी नाम वाली पी,
हरी बोल, जय श्री राधा रमण.

आओ मेरी सखी मुझे मेहँदी लगा दो मेहँदी लगा दो मुझे ऐसे सजा दो मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो - Aao Meri Sakhi Mujhe Mehandi Laga Do, Mehandi Laga Do Mujhe Aisi Saja do

आओ मेरी सखी मुझे मेहँदी लगा दो
मेहँदी लगा दो मुझे ऐसे सजा दो
मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो

सत्संग में मेरी बात चलाई
सतगुरु ने मेरी कीनी रे सगाई
उनको बुलाके हथलेवा तो करा दो
मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो

ऐसी पहनू चूड़ी जो कभी ना टूटे
ऐसा चुनु दूल्हा जो कबहू ना छुटे
अटल सुहाग की बिंदिया लगा दो
मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो

ऐसी ओढूँ चुनरी जी रंग नहीं छुटे
प्रीत का धागा कबहू नहीं टूटे
आज मेरी मोतियों से माँग भरा दो
मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो

भक्ति का सुरमा मै आँख में लगाऊगी
दुनिया से नाता तोड़ उन्ही की हो जाऊँगी
सतगुरु को बुलाके फेरे डलवा दो
मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो

बांध के घुँघर में उनको रिझाऊँगी
लेके एकतारा में श्याम श्याम गाऊँगी
सतगुरु को बुला के डोली तो सजा दो
सखियों को बुला के विदा तो करा दो
मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो

Thursday, 15 October 2015

भक्तों फूल बरसाओ, मेरी मैया जी आई है मेरी कैला जी आई है - Bhakton Phool Barsao, Meri Maiya Ji Aai Hai, Meri Kaila Ji Aai Hai

भक्तों फूल बरसाओ, मेरी मैया जी आई है
मेरी कैला जी आई है
कोयल मीठे बोल गाओ, भवानी कैला आई है
भवानी मैया जी आई है

लगी थी आस सदियों से, हुए हैं आज वो दर्शन
निभाए आज वायदे को, पधारी है माता पावन
मेरे सब कष्ट हरने को माँ नंगे पैर आई है
माँ नंगे पैर आई है
भक्तों फूल....

करूँ कैसे तेरी पूजा, न मन फूला समाता है
कहाँ जाउँ किधर देखु, समझ में कुछ न आता है
मुझे रंग अपने में रंगकर बढ़ाने मान आई है
बढ़ाने मान आई है
भक्तों फूल....

ना चाहिए मुझको धन दौलत, मैं तेरी भक्ति चाहता हूँ
मेरे सिर पर हो तेरा हाथ, ये वरदान चाहता हूँ
अधम मुझ नींच पापी का, करने उद्धार आई है
करने उद्धार आई है
भक्तों फूल....

ओ शेरों वाली अंबे, आँचल में तू छिपा ले आँखो के बहते आँसू, अब बन गये हैं नाले - O Sherowali Ambe, Aanchal Mein Tu Chipa Le Aankhon Ke Behte Aansoo, Ab Ban Gaye Hai Naale

ओ शेरों वाली अंबे, आँचल में तू छिपा ले
आँखो के बहते आँसू, अब बन गये हैं नाले
ओ शेरों वाली अंबे...

ये जीवन जो तूने दिन्हा, एहसान मुझ पे किन्हा
ये जिंदगी दुखों की, किसके करूँ हवाले
ओ शेरों वाली अंबे

तेरे दर के हम भिखारी, सुनले ओ चक्रधारी
मेरी डूबती है नैया, आकर इसे बचाले
ओ शेरों वाली अंबे

रो रो मेरी मैया, तुझसे बिछड़ न जाउँ
इससे अच्छा है, मेरी जिंदगी उठा ले
ओ शेरों वाली अंबे

अमीर चले आए, ग़रीब चले आए मैया तेरे दर पे फकीर चले आए - Ameer Chale Aayein, Garib Chale Aayein Maiya Tere Dar Pe Fakeer Chale Aayein

अमीर चले आए, ग़रीब चले आए
मैया तेरे दर पे फकीर चले आए

दुनिया भर की हूँ मैं दुखियारी
मैया आई हूँ शरण तुम्हारी
मेरी विनती सुनो शेरों वाली, लाटो वाली
अमीर चले आए...

लाखों की बिगड़ी तुमने पल भर में बनाई
फिर मेरी बारी कहाँ देर लगाई
मेरे संकट हरो मेरे संकट हरो मेरे
शेरों वाली, लाटो वाली
अमीर चले आए...

मेरी बीच भंवर मे है नैया
जिसका दिखे न कोई खिवयिया
मुझको पार करो शेरो वाली लाटो वाली
अमीर चले आए...

तेरे चरणों की दासी बनूँगी
तेरे मंदिर को झाड़ा करूँगी
मुझे दर्शन दो मुझे दर्शन दो
शेरो वाली लाटो वाली
अमीर चले आए...

तेरे दर पे खड़े नर नारी
पट खोल दर्शन देदो शेरो वाली
मेरी झोली भरो, शेरो वाली लाटो वाली
अमीर चले आए...

तुम्ही मेरी मैया, तुम्ही दुर्गे रानी तुम्ही प्रेरणा हो, तुम्ही प्रेरणा हो - Tumhi Meri Maiya, Tumhi Durga Rani Tumhi Prena Ho, Tumhi Prena Ho

तुम्ही मेरी मैया, तुम्ही दुर्गे रानी

तुम्ही प्रेरणा हो, तुम्ही प्रेरणा हो
कुछ तो बता दो मेरी माँ भवानी
छिपी तुम कहाँ हो, छिपी तुम कहाँ हो
तुम्ही मेरी मैया....

तुम्ही मेरी नयनों की ज्योति हो मैया
तुम्ही मेरी नईया, तुम्ही हो खिवाइया
मैं काठ का एक नन्हा सा पुतला
तुम्ही प्राण मेरे तुम्ही चेतना हो
तुम्ही मेरी मैया....

तुम्ही जिंदगी माँ तुन्ही दिल की धड़कन
तुम्ही साज़ मईया, तुम्ही स्वर की सरगम
तुम्ही तो बसी हो भजनों में मेरे
संगीत तुम हो तुम्ही वेदना हो
तुम्ही मेरी मैया....

खिले फूल मन के जो तुम मुस्कुरा दो
आ जाए निंदिया, जो लॉरी सुना दो
एक बार आकर, ज़रा मुझसे कह दो
बेटे हो मेरे तुम्ही आत्मा हो
तुम्ही मेरी मैया....

कभी दुर्गा बन के कभी काली बन के चली आना मईया जी चली आना - Kabhi Durga Banke Kabhi Kali Banke Chali Aana Maiya Ji Chali Aana

कभी दुर्गा बन के कभी काली बन के

चली आना मईया जी चली आना


१) तुम सीता रूप में आना
रामा को साथ ले आना
हनुमत साथ ले के, धनुष हाथ ले के
चली आना मईया जी चली आना
कभी दुर्गा....

२) तुम राधा रूप में आना
कृष्णा को साथ ले आना
दाउ साथ ले के, बंसी हाथ ले के
चली आना मईया जी चली आना
कभी दुर्गा....

३) तुम गौरा रूप में आना
भोला को साथ ले आना
नंदी साथ ले के, डमरू हाथ ले के
चली आना मईया जी चली आना
कभी दुर्गा....


४) तुम लक्ष्मी रूप में आना
विष्णु को साथ ले आना
गरुण साथ ले के, चक्र हाथ ले के
चली आना मईया जी चली आना
कभी दुर्गा....

Tuesday, 13 October 2015

Shri Satyanarayan Aarti Lyrics - Jai Lakshmiramaana Arti Lyrics - जय लक्ष्मीरमणा, श्री जय लक्ष्मीरमणा ।

Shri Satyanarayan Aarti Lyrics - Jai Lakshmiramaana Arti Lyrics

Jai Lakshmiramana, Shri Jay Lakshmiramana,
Satyanarayan Svaami, Janapaatak Harana.
Om Jai…

Ratn Jadit Sinhasan, Adbhut Chavi Raaje,
Naarad Karat Niraajan, Ghanta Dhvani Baaje.
Om Jai…

Pragat Bhaye Kali Kaaran, Dvij Ko Darash Diyo,
Budho Braahman Bankar, Kanchan Mahal Kiyo.
Om Jai…

Durbal Bhil Kathaaro, In Par Kripa Kari,
Chandrachud Ek Raja, Jinaki Vipati Hari.
Om Jai…

Vaishy Manorath Paayo, Shraddha Taj Dini,
So Phal Bhogyo Prabhuji, Phir Stuti Kini.
Om Jai…

Bhaav Bhakti Ke Kaaran, Chhin-Chhin Rup Dharyo,
Shraddha Dhaaran Kini, Tinako Kaaj Saryo.
Om Jai…

Gvaal Baal Sang Raja, Van Mein Bhakti Kari,
Manavaanchhit Phal Dinho, Dindayaal Hari.
Om Jai…

Chadhat Prasaad Savaaya, Kadali Phal Meva,
Dhup Dip Tulasi Se, Raaji Satyadeva.
Om Jai…

Satyanarayan Ki Aarati, Jo Koi Nar Gave,
Kahat Shivanand Svami, Vanchhit Phal Pave.
Om Jai…

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Satyanarayan Aarti Hindi Lyrics 

श्री सत्यनारायण भगवान की आरती

जय लक्ष्मीरमणा, श्री जय लक्ष्मीरमणा ।
सत्यनारायण स्वामी, जनपातक हरणा ॥ ॐ जय…

रत्न जड़ित सिंहासन, अदभुत छवि राजे ।
नारद करत निराजन, घंटा ध्वनि बाजे ॥ ॐ जय…

प्रगट भये कलि कारण, द्विज को दरश दियो ।
बूढ़ो ब्राह्मण बनकर, कंचन महल कियो ॥ ॐ जय…

दुर्बल भील कठारो, इन पर कृपा करी ।
चंद्रचूड़ एक राजा, जिनकी विपत्ति हरी ॥ ॐ जय…

वैश्य मनोरथ पायो, श्रद्धा तज दीनी ।
सो फल भोग्यो प्रभुजी, फिर स्तुति कीनी ॥ ॐ जय…

भाव भक्ति के कारण छिन-छिन रूप धरयो ।
श्रद्धा धारण कीनी, तिनको काज सरयो ॥ ॐ जय…

ग्वाल बाल संग राजा, वन में भक्ति करी ॥
मनवांछित फल दीन्हो, दीनदयाल हरी ॥ ॐ जय…

चढ़त प्रसाद सवाया, कदली फल मेवा ॥
धूप दीप तुलसी से, राजी सत्यदेवा ॥ ॐ जय…

सत्यनारायण की आरति, जो कोइ नर गावे ।
कहत शिवानंद स्वामी, वांछित फल पावे ॥ ॐ जय…

Monday, 12 October 2015

Somvar (Somwar) Vrat Katha (Story) - सोमवार व्रत कथा

हिन्दू धर्म के अनुसार सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है। जो व्यक्ति सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा करते हैं उन्हें मनोवांछित फल अवश्य मिलता है।



व्रत कथा: 



किसी नगर में एक साहूकार रहता था। उसके घर में धन की कोई कमी नहीं थी लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी जिस वजह से वह बेहद दुखी था। पुत्र प्राप्ति के लिए वह प्रत्येक सोमवार व्रत रखता था और पूरी श्रद्धा के साथ शिवालय में जाकर भगवान शिव और पार्वती जी की पूजा करता था। उसकी भक्ति देखकर मां पार्वती प्रसन्न हो गई और भगवान शिव से उस साहूकार की मनोकामना पूर्ण करने का निवेदन किया। पार्वती जी की इच्छा सुनकर भगवान शिव ने कहा कि "हे पार्वती। इस संसार में हर प्राणी को उसके कर्मों के अनुसार फल मिलता है और जिसके भाग्य में जो हो उसे भोगना ही पड़ता है।" लेकिन पार्वती जी ने साहूकार की भक्ति का मान रखने के लिए उसकी मनोकामना पूर्ण करने की इच्छा जताई। माता पार्वती के आग्रह पर शिवजी ने साहूकार को पुत्र-प्राप्ति का वरदान तो दिया लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उसके बालक की आयु केवल बारह वर्ष होगी।

माता पार्वती और भगवान शिव की इस बातचीत को साहूकार सुन रहा था। उसे ना तो इस बात की खुशी थी और ना ही गम। वह पहले की भांति शिवजी की पूजा करता रहा। कुछ समय उपरांत साहूकार के घर एक पुत्र का जन्म हुआ। जब वह बालक ग्यारह वर्ष का हुआ तो उसे पढ़ने के लिए काशी भेज दिया गया।

साहूकार ने पुत्र के मामा को बुलाकर उसे बहुत सारा धन दिया और कहा कि तुम इस बालक को काशी विद्या प्राप्ति के लिए ले जाओ और मार्ग में यज्ञ कराओ। जहां भी यज्ञ कराओ वहीं पर ब्राह्मणों को भोजन कराते और दक्षिणा देते हुए जाना।


दोनों मामा-भांजे इसी तरह यज्ञ कराते और ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देते काशी की ओर चल पड़े। राते में एक नगर पड़ा जहां नगर के राजा की कन्या का विवाह था। लेकिन जिस राजकुमार से उसका विवाह होने वाला था वह एक आंख से काना था। राजकुमार के पिता ने अपने पुत्र के काना होने की बात को छुपाने के लिए एक चाल सोची। साहूकार के पुत्र को देखकर उसके मन में एक विचार आया। उसने सोचा क्यों न इस लड़के को दूल्हा बनाकर राजकुमारी से विवाह करा दूं। विवाह के बाद इसको धन देकर विदा कर दूंगा और राजकुमारी को अपने नगर ले जाऊंगा।


लड़के को दूल्हे का वस्त्र पहनाकर राजकुमारी से विवाह कर दिया गया। लेकिन साहूकार का पुत्र एक ईमानदार शख्स था। उसे यह बात न्यायसंगत नहीं लगी। उसने अवसर पाकर राजकुमारी की चुन्नी के पल्ले पर लिखा कि "तुम्हारा विवाह मेरे साथ हुआ है लेकिन जिस राजकुमार के संग तुम्हें भेजा जाएगा वह एक आंख से काना है। मैं तो काशी पढ़ने जा रहा हूं।"


जब राजकुमारी ने चुन्नी पर लिखी बातें पढ़ी तो उसने अपने माता-पिता को यह बात बताई। राजा ने अपनी पुत्री को विदा नहीं किया जिससे बारात वापस चली गई। दूसरी ओर साहूकार का लड़का और उसका मामा काशी पहुंचे और वहां जाकर उन्होंने यज्ञ किया। जिस दिन लड़के की आयु 12 साल की हुई उसी दिन यज्ञ रखा गया। लड़के ने अपने मामा से कहा कि मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं है। मामा ने कहा कि तुम अन्दर जाकर सो जाओ।


शिवजी के वरदानुसार कुछ ही क्षणों में उस बालक के प्राण निकल गए। मृत भांजे को देख उसके मामा ने विलाप शुरू किया। संयोगवश उसी समय शिवजी और माता पार्वती उधर से जा रहे थे। पार्वती ने भगवान से कहा- प्राणनाथ, मुझे इसके रोने के स्वर सहन नहीं हो रहा। आप इस व्यक्ति के कष्ट को अवश्य दूर करें| जब शिवजी मृत बालक के समीप गए तो वह बोले कि यह उसी साहूकार का पुत्र है, जिसे मैंने 12 वर्ष की आयु का वरदान दिया। अब इसकी आयु पूरी हो चुकी है। लेकिन मातृ भाव से विभोर माता पार्वती ने कहा कि हे महादेव आप इस बालक को और आयु देने की कृपा करें अन्यथा इसके वियोग में इसके माता-पिता भी तड़प-तड़प कर मर जाएंगे। माता पार्वती के आग्रह पर भगवान शिव ने उस लड़के को जीवित होने का वरदान दिया| शिवजी की कृपा से वह लड़का जीवित हो गया। शिक्षा समाप्त करके लड़का मामा के साथ अपने नगर की ओर चल दिए। दोनों चलते हुए उसी नगर में पहुंचे, जहां उसका विवाह हुआ था। उस नगर में भी उन्होंने यज्ञ का आयोजन किया। उस लड़के के ससुर ने उसे पहचान लिया और महल में ले जाकर उसकी आवभगत की और अपनी पुत्री को विदा किया।


इधर भूखे-प्यासे रहकर साहूकार और उसकी पत्नी बेटे की प्रतीक्षा कर रहे थे। उन्होंने प्रण कर रखा था कि यदि उन्हें अपने बेटे की मृत्यु का समाचार मिला तो वह भी प्राण त्याग देंगे परंतु अपने बेटे के जीवित होने का समाचार पाकर वह बेहद प्रसन्न हुए। उसी रात भगवान शिव ने व्यापारी के स्वप्न में आकर कहा- हे श्रेष्ठी, मैंने तेरे सोमवार के व्रत करने और व्रतकथा सुनने से प्रसन्न होकर तेरे पुत्र को लम्बी आयु प्रदान की है।


जो कोई सोमवार व्रत करता है या कथा सुनता और पढ़ता है उसके सभी दुख दूर होते हैं और समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

भजन - श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन ..

भजन - श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन .. 
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श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणम् .
नवकञ्ज लोचन कञ्ज मुखकर कञ्जपद कञ्जारुणम् .. १..

कंदर्प अगणित अमित छबि नव नील नीरज सुन्दरम् .
पटपीत मानहुं तड़ित रुचि सुचि नौमि जनक सुतावरम् .. २..

भजु दीन बन्धु दिनेश दानव दैत्यवंशनिकन्दनम् .
रघुनन्द आनंदकंद कोशल चन्द दशरथ नन्दनम् .. ३..

सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदार अङ्ग विभूषणम् .
आजानुभुज सर चापधर सङ्ग्राम जित खरदूषणम् .. ४..

इति वदति तुलसीदास शङ्कर शेष मुनि मनरञ्जनम् .
मम हृदयकञ्ज निवास कुरु कामादिखलदलमञ्जनम् .. ५..

जय बोलो जय बोलो गणपति बप्पा की जय बोलो।

जय बोलो जय बोलो गणपति बप्पा की जय बोलो।
जय बोलो जय बोलो गणपति बप्पा की जय बोलो।

सिद्ध विनायक संकट हारी विघ्नेश्वर शुभ मंगलकारी
सबके प्रिय सबके हितकारी द्वार दया का खोलो
जय बोलो जय बोलो 

पारवती के राज दुलारे शिवजी की आंखों के तारे
गणपति बप्पा प्यारे प्यारे द्वार दया का खोलो
जय बोलो जय बोलो। 

शंकर पूत भवानी जाये गणपति तुम सबके मन भाये
तुमने सबके कष्ट मिटाये द्वार दया का खोलो
जय बोलो जयबोलो 

जो भी द्वार तुम्हारे आता खाली हाथ कभी ना जाता
तू है सबका भाग्य विधाता द्वार दया का खोलो
जय बोलो जय बोलो गणपति बप्पा की जय बोलो

Friday, 9 October 2015

*** भागवत जी की आरती ***

*** भागवत जी की आरती ***

श्री भागवत भगवान की है आरती,
पापियोँ को पाप से है तारती।
श्री भागवत भगवान.....

ये अमर ग्रन्थ ये मुक्ति पंथ,
ये पंचम वेद निराला॥
नव ज्योति जगाने वाला।
हरि नाम यही, हरि धाम यही, जग के मंगल की आरती,
पापियो को पाप से है तारती॥
श्री भागवत भगवान.....

ये शान्ति गीत पावन पुनीत,
पापोँ को मिटाने वाला॥
हरि दरश कराने वाला।
है सुख करणी, है दु:ख हरणी,
श्री मधुसूदन की आरती,
पापियो को पाप से है तारती॥
श्री भागवत भगवान.....

ये मधुर बोल, जग फन्द खोल,
सन्मार्ग बताने वाला॥
बिगड़ी को बनाने वाला।
श्रीराम यही, घनश्याम यही,
प्रभु के महिमा की आरती,
पापियो को पाप से है तारती॥
श्री भागवत भगवान..

मिलता है सच्चा सुख केवल भगवान तुम्हारे चरणों मे |

मिलता है सच्चा सुख केवल भगवान तुम्हारे चरणों मे |
यह विनती है पल पल छिन छिन, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों मे ||

चाहे वैरी सब संसार बने, चाहे जीवन मुझ पर भर बने |
चाहे मौत गले का हार बने, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों मे ||

चाहे अग्नि मे मुझे जलना हो, चाहे कांटो पे मुझे चलना हो |
चाहे छोड़ के देश निकलना हो, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों मे ||

चाहे संकट ने मुझे घेरा हो, चाहे चारों और अंधेरा हो |
पर मन नहीं डगमग मेरा हो, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों मे ||

जिव्हा पर तेरा नाम रहे, तेरा ध्यान सुबह और श्याम रहे |
तेरी याद मे आठों याम रहे, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों मे ||

Tuesday, 6 October 2015

||श्री महागणेश पञ्चरत्नं|| || Sri Mahaganesh Pancharatnam|| - Hindi and English Lyrics with Meaning

||श्री महागणेश पञ्चरत्नं||
|| Sri Mahaganesh Pancharatnam||

मुदा करात्त मोदकं सदा विमुक्ति साधकं
कलाधरावतंसकं विलासि लोक रक्षकम् .
अनायकैक नायकं विनाशितेभ दैत्यकं
नताशुभाशु नाशकं नमामि तं विनायकम् .. १..

Mudakaratha Modakam Sada Vimukthi Sadhakam
Kaladaravathamskam Vilasi Lokarakshakam
Anaayakaik Nayakam Vinashithebha Dhyathakam
Natha shubhashu Nashakam Namami Tham Vinayakam 1

Meaning: I prostrate before Lord Vinaayaka who joyously holds modaka in His hand, who bestows salvation, who wears the moon as a crown in His head, who is the sole leader of those who lose themselves in the world. The leader of the leaderless who destroyed the elephant demon called Gajaasura and who quickly destroys the sins of those who bow down to Him, I worship such a Lord Ganesh.

नतेतराति भीकरं नवोदितार्क भास्वरं
नमत् सुरारि निर्जरं नताधिकापदुद्धरम् .
सुरेश्वरं निधीश्वरं गजेश्वरं गणेश्वरं
महेश्वरं तमाश्रये परात्परं निरन्तरम् .. २..
Nathetharathi Bheekaram Namodhitharka Bhaswaram
Namthsurari Nirjaram Nathadikaa Paduddaram
Sureswaram Nidhishwaram Gajeswaram Ganeswaram
Maheshwaram Thvamashraye Parathparam Nirantharam

Meaning: I meditate eternally on Him, the Lord of the Ganas, who is frightening to those not devoted, who shines like the morning sun, to whom all the Gods and demons bow, who removes the great distress of His devotees and who is the best among the best.

समस्त लोक शंकरं निरास्त दैत्य कुन्जरं
दरेतरोदरं वरं वरेभवक्त्रं अक्षरम् .
कृपाकरं क्षमाकरं मुदाकरं यशस्करं
मनस्करं नमस्कृतां नमस्करोमि भास्वरम् .. ३..

Samastha Loka Shankaram Nirastha Dhaithya Kunjaram
Daretharodaram Varam VareBhavakthra Maksharam
Krupakaram Kshamakaram Mudhakaram Yashaskaram
Manaskaram Namskrutham Namskaromi Bhaswaram

Meaning: I bow down with my whole mind to the shining Ganapati who brings happiness to all the worlds, who destroyed the demon Gajasura, who has a big belly, beautiful elephant face, who is immortal, who gives mercy, forgiveness and happiness to those who bow to Him and who bestows fame and a well disposed mind.

अकिंचनार्ति मर्जनं चिरन्तनोक्ति भाजनं
पुरारिपूर्वनन्दनं सुरारि गर्व चर्वणम् .
प्रपञ्चनाश भीषणं धनंजयादि भूषणं
कपोलदानवारणं भजे पुराणवारणम् .. ४..

Akincha narthi marjanam Chirantha Nokthi Bhajanam
Purari Purva Nandanam Surari Gurva Charvanam
Prapancha nasha Bheeshanam Dhananjayadi Bhooshanam
Kapola Danavaranam Bhaje Purana Varanam

Meaning: I worship the ancient elephant God who destroys the pains of the poor, who is the abode of Aum, who is the first son of Lord Shiva (Shiva who is the destroyer of triple cities), who destroys the pride of the enemies of the Gods, who is frightening to look at during the time of world’s destruction, who is fierce like an elephant in rut and who wears Dhananjaya and other serpents as his ornaments.


नितान्त कान्त दन्तकान्तिमन्तकान्तकात्मजं
अचिन्त्यरूपमन्तहीनमन्तराय कृन्तनम् .
हृदन्तरे निरन्तरं वसन्तमेव योगिनां
तमेकदन्तमेकमेव चिन्तयामि सन्ततम् .. ५..

Nithantha Kantha Dhantha Khanthi Mantha Kantha Kathmajam
Achinthya Roopa Manthaheena Mantharaya Krunthanam
Hrudanthare Nirantharam Vasanthameva Yoginam
Thamekadantha Mevatham Vichintha Yami Santhatham

Meaning: I constantly reflect upon that single tusked God only, whose lustrous tusk is very beautiful, who is the son of Lord Shiva, (Shiva, the God of destruction), whose form is immortal and unknowable, who tears asunder all obstacles, and who dwells forever in the hearts of the Yogis.

.. फल श्रुती ..
महागणेश पञ्चरत्नं आदरेण योन्ऽवहं
प्रजल्पति प्रभातके हृदि स्मरन्ं गणेश्वरम् .
अरोगतां अदोषतां सुसाहितीं सुपुत्रतां
समाहितायुरष्ट भूतिमभ्युपैति सोऽचिरत् ..

...Phala Shruti ...
Maha Ganesha Pancharathna Madarena Yonvaham
Prjalpathi Prabhathake Hrudismaram Ganeswaram
Arogathaam Dhoshathaam Susahitheem Suputhratham
Samahithaayu rashta Bhoothi mabhu paithi Soochiraath

Meaning: He who recites this every morning with devotion, these five gems about Lord Ganapati and who remembers in his heart the great Ganesha, will soon be endowed with a healthy life free of blemishes, will attain learning, noble sons, a long life that is calm and pleasant and will be endowed with spiritual and material prosperity.

इति श्री शंकराचार्य विरचितं श्री महागणेश पञ्चरत्नं संपूर्णम् ..

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा - Jai Ganesh, Jai Ganesh, Jai Ganesh Deva - Hindi, English Lyrics with Meaning

जय गणेश, जय गणेश,
जय गणेश देवा.
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
जय गणेश, जय गणेश,
जय गणेश देवा ॥


Jai Ganesh, Jai Ganesh,
Jai Ganesh deva,
Matha Parvathi,
Pitha Mahadeva,
Jai Ganesh , Jai Ganesh ,
Jai Ganesh deva,

Meaning:
Victory to Ganesh, Victory to Ganesha,
Victory to God Ganesha
His mother is Goddess Parvathi
and his father God Shiva,
Victory to Ganesh, Victory to Ganesha,
Victory to God Ganesha

एक दंत दयावंत,
चार भुजाधारी .
माथे पे सिंदूर सोहे,
मूसे की सवारी ॥
जय गणेश, जय गणेश,
जय गणेश देवा ॥

Yeka danth ,
char bhuja, dhari,
Madhe sindhoor sohe
moose ki Savari,
Jai Ganesha, Jai Ganesha,
Jai Ganesha deva,


Meaning:
He has one tusk
and four hands,
He applies a thilak on his forehead
and rides on a mouse,
Victory to Ganesha, Victory to Ganesha,
Victory to God Ganesha

अंधन को आंख देत,
कोढ़िन को काया. बांझन को पुत्र देत,
निर्धन को माया ॥
जय गणेश, जय गणेश,
जय गणेश देवा ॥

Andhan ko aankh deth
Koodeen ko kaya,
Banjath ko puthra deth,
nirdhan ko maya,
Jai Ganesha, Jai Ganesha,
Jai Ganesha deva,

Meaning:
He makes the blind see,
gives a full body to the leper,
He blesses the childless one with child,
and he gives wealth to the poor,
Victory to Ganesha, Victory to Ganesha,
Victory to God Ganesha

हार चढ़ै, फूल चढ़ै
और चढ़ै मेवा .
लड्डुअन को भोग लगे,
संत करे सेवा ॥
जय गणेश, जय गणेश,
जय गणेश देवा ॥


Haar chade, phool chade
aur chade meva,
Laddu aan ka bhog lage
santh kare Sevaa,
Jai Ganesha, Jai Ganesha,
Jai Ganesha Deva,

Meaning:
We offer him garland.
We offer him flowers ,
we offer him sweets,
A great offering of Laddu is made
and saints do service to him,
Victory to Ganesha, Victory to Ganesha,
Victory to God Ganesha

दीनन की लाज राखो,
शंभु सुतवारी .
कामना को पूर्ण करो,
जग बलिहारी ॥
जय गणेश, जय गणेश,
जय गणेश देवा ॥

Denan ki laaj Rakho
Shambhu puthra vari,
Manoradh ko poora
karo jaya balihari.
Jai Ganesha, Jai Ganesha,
Jai Ganesha deva,

Meaning:
Oh son of Lord Shiva,
Take the offering of beaten rice from us,
And fulfill our wishes
and make us victorious,
I submit to you.
Victory to Ganesha, Victory to Ganesha,
Victory to God Ganesha

सुख करता दुखहर्ता - Sukhkarta Dukhharta Aarti - Hindi and English Lyrics with Meaning

सुख करता दुखहर्ता
Sukhkarta Dukhharta Aarti
Marathi Lyrics |1|
सुख करता दुखहर्ता वार्ता विघ्नची
नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची
सर्वांगी सुंदर उटीशेंदुराराची
कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची

जय देव जय देव जय मंगल मूर्ती
दर्शन मात्रे मन कामना पुरती
जय देव जय देव जय मंगल मूर्ती ||

English Lyrics |1|
Sukh Karta Dukhharta Varta Vighnachi
Noorvi Poorvi Prem Krupya Jayachi
Sarwangi Sundar Utishendu Rachi
Kanthi Jhalke Maad Mukhta Padhanchi

Jai Dev Jai Dev Jai Mangal Murti
Darshan Marte Maan Kamana Purti
Jai Dev Jai Dev Jai Mangal Murti

Hindi Meaning |1|
भगवान् जो हमे सुख देते है और दुखो को दूर करते है.
सभी मुश्किलों से मुक्त करते है.
जो आशीर्वाद के रूप मैं हर जगह अपना प्यार फैलाते है. ||
जिनके शारीर पर सुन्दर लाल-नारंगी रंग है.
और गले मैं अति-सुन्दर मोतियों ( मुक्ताफल ) की मारा पहनी हुई है. ||
भगवान् की इस मंगल मूर्ति से प्रार्थना करो.
भगवान् के दर्शन मात्र से ही हमारी सारी
इच्छाओ की पूर्ति हो जायेगी. ||१||
English Meaning |1|
Oh Lord who provides Joy, takes away Sadness
and removes all “vighnas” (obstacles) in life
Who spreads love everywhere as his blessing
Who has lovely “shendur utna”
(yellow-orange fragrance paste) all over his body
Who has a necklace of “Mukataphal”
(pearls in Sanskrit) around his neck
Hail the god, Hail the god, Hail the auspicious idol
All our wishes are fulfilled just by “darshan”
Hail the god, Hail the god, Hail the auspicious idol


Marathi Lyrics |2|
रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा
चंदनाची उटी कुमकुम केशरा
हिरे जडीत मुकुट शोभतो बरा
रुणझुणती नूपुरे चरणी घागरिया
जय देव जय देव जय मंगल मूर्ती
दर्शन मात्रे मन कामना पुरती
जय देव जय देव जय मंगल मूर्ती ||


English Lyrics |2|
Ratnakhachit Phara Tujh Gaurikumra
Chandanaachi Uti Kumkum Ke Shara
Hire Jadit Mukut Shobhato Bara
Runjhunati Nupure Charani Ghagriya

Jai Dev Jai Dev Jai Mangal Murti
Darshan Marte Maan Kamana Purti
Jai Dev Jai Dev Jai Mangal Murti


Hindi Meaning |2|
हे गौरी पुत्र, ये रत्नों से जडित मुकुट आपके लिए है,
आपके शारीर पर चन्दन का लेप लगा हुआ है
और मस्तक भाल पर पर लाल रंग का तिलक लगा हुआ है. ||

हीरो से जडित सुन्दर सा मुकुट है और
आपके आपके चरणों के पास मैं पायल की ध्वनि
बहुत अच्छी लग रही है. ||

भगवान् की इस मंगल मूर्ति से प्रार्थना करो.
भगवान् के दर्शन मात्र से ही हमारी सारी
इच्छाओ की पूर्ति हो जायेगी. || २ ||


English Meaning |2|
Offering you Seat studded with Ratna(jewels)
for you “Gaurikumra” (son of Gauri)

Smearing you with Chandan(Sandalwood)
utna(paste) and Kumkum(Red Tilak) on the head

Diamond studded crown suites you right
Whose anklets tingle in his feet Jaidev…

Hail the god, Hail the god, Hail the auspicious idol
All our wishes are fulfilled just by “darshan”
Hail the god, Hail the god, Hail the auspicious idol

Marathi Lyrics |3|
लंबोदर पीतांबर फणिवर वंदना
सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना
दास रामाचा वाट पाहे सदना
संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवर वंदना

जय देव जय देव जय मंगल मूर्ती
दर्शन मात्रे मन कामना पुरती
जय देव जय देव जय मंगल मूर्ती ||

English Lyrics |3|
Lambodar Pitaambar Phanivar Vandana
Saral Sond Vakratunda Trinayana
Das Ramacha Vat Pahe Sadna
Sankati Pavave Nirvani Rakshave Survar Vandana

Jai Dev Jai Dev Jai Mangal Murti
Darshan Marte Maan Kamana Purti
Jai Dev Jai Dev Jai Mangal Murti

Hindi Meaning |3|
भगवान् आपका बड़ा पेट है और
आपने पीली धोती पहनी हुई है.
आपके सरल और मुड़ी हुई सूंड है
और आपके तीन आँखे है.
लेखक रामदास कहते है की मैं
आपकी साधना मैं ये लिख रहा हु,
मुश्किल के समय मैं सदेव
हमारी रक्षा और सहायता करना.
भगवान् की इस मंगल मूर्ति से प्रार्थना करो.
भगवान् के दर्शन मात्र से ही
हमारी सारी इच्छाओ की पूर्ति हो जायेगी. || ३ ||

English Meaning |3|
Lambodar Who wears Pitaambar
(yellow cloth worn by men during puja)
“Lambodar” - from the long - ‘lambo’, tummy - ‘udar’
Who has Straight trunk and is Vakratunda
and Trinayana “Vakratunda”one who breaks
the ego of he who behaves anti-socially
(’Vakra’). “Trinayana” the son of the 3 eyed (Lord Shiva)
I am waiting for you in my “Sadana” (home)
just like the slave(used as devotee) of Lord Rama
Please help us and protect us during bad times Survarvandana
Hail the god, Hail the god, Hail the auspicious idol
All our wishes are fulfilled just by “darshan”
Hail the god, Hail the god, Hail the auspicious idol

देवा हो देवा गणपति देवा तुमसे बढ़कर कौन - deva ho deva ganapati deva tumase badhakar kaun

गणपति बाप्पा मोरया, मंगल मूर्ती मोरया
ganapati bappa morayaa, mangal moorti moraya

देवा हो देवा गणपति देवा तुमसे बढ़कर कौन
स्वामी तुमसे बढ़कर कौन
और तुम्हारे भक्तजनों में हमसे बढ़कर कौन
हमसे बढ़कर कौन

deva ho deva ganapati deva tumase badhakar kaun
swaami tumse badhakar kaun
aur tumhaare bhaktajanon mein hamse badhakar kaun
hamse badhakar kaun

अद्भुत रूप ये काय भारी महिमा बड़ी है दर्शन की
प्रभु महिमा बड़ी है दर्शन की
बिन मांगे पूरी हो जाए जो भी इच्छा हो मन की
प्रभु जो भी इच्छा हो मन की

adbhut roop ye kaaya bhaari mahima badi hai darshan ki
prabhu mahima badi hai darshan ki
bin maange poori ho jaaye jo bhi ichchha ho man ki
prabhu jo bhi ichchha ho man ki

भक्तों की इस भीड़ में ऐसे बगुला भगत भी मिलते हैं
हाँ बगुला भगत भी मिलते हैं
भेस बदल कर के भक्तों का जो भगवान को छलते हैं
अरे जो भगवान को छलते हैं

bhakton ki is bheed mein aise bagula bhagat bhi milate hain
haan bagula bhagat bhi milate hain
bhes badal kar ke bhakton ka jo bhagawaan ko chhalte hain
are jo bhagawaan ko chhalte hain

छोटी सी आशा लाया हूँ छोटे से मन में दाता
इस छोटे से मन में दाता
माँगने सब आते हैं पहले सच्चा भक्त ही है पाता
सच्चा भक्त ही है पाता

chhoti si aasha laaya hoon chhote se man mein daata
is chhote se man mein daata
maangane sab aate hain pahale sachcha bhakt hi hai paata
sachcha bhakt hi hai paata

एक डाल के फूलों का भी अलग अलग है भाग्य रहा
प्रभु अलग अलग है भाग्य रहा
दिल में रखना दर उसका मत भूल विधाता जाग रहा
मत भूल विधाता जाग रहा

ek daal ke phoolon ka bhi alag alag hai bhaagy raha
prabhu alag alag hai bhaagy raha
dil mein rakhana dar usaka mat bhool vidhaata jaag raha
mat bhool vidhaata jaag raha

Monday, 5 October 2015

Ashtalakshmi Stotram - With Hindi and English Lyrics and Meanings

1. आदि लक्ष्मी (Aadi Lakshmi:):

सुमनसा वंदिता सुंदरी माधवि चंद्रा सहोदरि हेममये
मुनिगण वंदिता मोक्श प्रदायिनि मंजुला भाशिणि वेदनुते 
पंकजा वासिनि देव सुपूजीता सद्गुण वर्शिणि शान्तियुते 
जया जयहे मधुसूदाना कामिनी आदिलक्ष्मी सदा पालय माँ


Sumanasa vandita sundari madhavi chandra sahodari hema maye |
muni gana mandita moksha pradayini manjula bhashini veda nute ||
pankaja vasini deva supujita sadguna varshini shanti yute |
jaya jaya he madhu sudana kamini adi lakshmi sada palaya mam || 1 ||

Meaning
Oh Adi Lakshmi the primordial goddess, protect me always. Pious hearted devotees bow to you. You are beautiful spouse of Madhava, sister of moon, golden, worshipped by sages and bestower of salvation. Your speech is sweet. You are extoled by vedas. You stay on lotus flower. Devatas worship you. You shower virtues. You are serene. Victory, Victory to you the dear consort of Madhusudana.

2. धान्य लक्ष्मी (Dhanya lakshmi):

आइकली कलमशा नाशनि कामिनिवैदिक रुपिणि वेदमये
क्षीरा समुद्रा भावा मन्गळ रुपिणि मंतरा निवासिनि मंतरा नुते
मन्गळदायिनि अम्बुजवासिनि देवगणाश्रित पादयुते
जया जयहे मधुसूदाना कामिनी धान्यलक्श्मि सदा पालय माँ

Ayi kali kalmasha nashini kamini vaidika rupini veda maye |
kshira samud bhava mangala rupini mantra nivasini mantra nute ||
mangala dayini ambuja vasini deva ganashrita pada yute |
jaya jaya he madhu sudana kamini dhanya lakshmi sada palaya mam || 2 || 

Meaning:
Oh Dhanaya Lakshmi who makes our granary full, you are destroyer of evils of Kali age. You are vedas personified. You are born in milk- Ocean. You are in auspicious Mantras and you are worshipped by Mantras. You stay on lotus. Devatas take refuge at your feet. Victory, Victory to the dear consort of Madhusudana.

3. धैर्या लक्ष्मी (Dhairya lakshmi):

जया वारा वर्शिणि वैश्णवि भार्गवि मंतरा स्वरुपिणि मंतरा मये
सुरगण पूजीता सीघरा फलड़ा ज्णान विकासिनि शास्त्रनुते
भावा भाया हारिणि पाप विमोचनि साधु जनाश्रित पादयुते
जया जयहे मधुसूदाना कामिनी धैर्या लक्ष्मी सदा पालय माँ ||

Jaya vara varnini vaishnavi bhargavi mantra svarupini mantra maye |
sura gana pujita shighra phala prada jnana vikasini shastra nute ||
bhava bhaya harini papa vimochani sadhu jana shrita pada yute |
jaya jaya he madhu sudana kamini dhairya lakshmi sada palaya mam || 3 ||

Meaning:
Oh Dhairya Lakshmi,the bestower of courage, you grant boons and fruits quickly. You bestow knowledge. Scriptures adore you. You dispel sins and wordly fears. Pious sages seek refuge at your feet. Victory, victory to Dhairya Lakshmi the loving consort of Madhusudana.

4. ग़ज़ा लक्ष्मी (Gaja Lakshmi:):

जया जया दुर्गति नाशनि कामिनी सर्वा फलप्रदा शास्त्रमये
रता ग़ज़ा तुरागा पदाति समाव्रुत परिजना मन्डित लोकनुते
हरिहरा ब्रह्मा सुपूजीता सेवित ताप निवारण पादयुते
जया जयहे मधुसूदाना कामिनी श्री ग़जालक्ष्मी सदा पालय माँ ||

Jaya jaya durgati nashini kamini sarva phala prada shastra maye |
ratha gaja turaga padayi samavrta parijana mandita loka nute ||
hari hara brahma supujita sevita tapa nivarini pada yute |
jaya jaya he madhu sudana kamini gaja lakshmi rupena palaya mam || 4 ||

Meaning:
Oh Gaja Lakshmi worshipped by elephants. You destroy adversity. You fulfill wishes. You are surrounded by chariots,elephants, horses and infantry and others. Hari, Siva and Brahma admire your prowess. Your sacred feet eradicate all afflictions. Victory, victory to the dear consort of Madhusudana.

5. सन्तान लक्ष्मी (Santana Lakshmi:):

आई खागा वाहिनी मोहिनि चक्रिणि राग विवर्धीनी ज़्णानमये
गुण गण वारधि लोकहितैशिणि सपतसवरा यूटा गानयुते
सक़ाला सुरासुर देव मुनीश्वर मानव वंदिता पादयुगे
जया जयहे मधुसूदाना कामिनी सन्तान लक्ष्मी सदा पालय माँ||


Santana lakshmi
Ayi khaga vahini mohini cakrini raga vivardhini jnana maye |
guna gana varidhi lokahi taishini svara sapta bhushita gana nute ||
sakala sura sura deva munishvara manava vandita padayute |
jaya jaya he madhu sudana kamini santana lakshmi sada palaya mam || 5 ||

Meaning:
Oh Santana Lakshmi,bestower of progeny, Garuda bird is your mount. You spread love. You are knowledge personified. You are paragon of virtues and well wisher of all. You are praised in songs embellished with seven musical notes. All devatas, demons, divine sages and human beings bow to your feet. victory, victory to the dear consort of Madhusudana.


6. विजया लक्ष्मी (Vijaya lakshmi):

जया कमलासनि सदगति दायिनि ज्णान विकासिनि गानमये
अनुदिना मार्चीटा कुमकुंआ धूसारा भूषिता वासित वाद्यनुते
कनकधारा स्तुति वैभवा वंदिता सांकरा देशिक मान्य पदे
जया जयहे मधुसूदाना कामिनी विजया लक्ष्मी सदा पालय माँ||

Jaya kamala sani sadgati dayini jnana vikasini gana maye |
anudina marcita kunkuma dhusara bhushita vasita vadya nute ||
kanaka dhara stuti vaibhava vandita shankara deshika manya pade |
jaya jaya he madhu sudana kamini vijaya lakshmi sada palaya mam || 6 ||Meaning:
Oh Vijaya Lakshmi the bestower of success, you are seated on lotus. You bestow beatitude. You shower love and bloom knowledge. You are fully covered by kumkum when worshipped. You are praised with instrumental music. Your glory is recited in Kanakadhara stotram. Sankaracharya prostrates at your sacred feet. Victory, Victory to dear consort of Madhusudana.


7. विद्या लक्ष्मी (Vidhya lakshmi)

प्रणत सुरेश्वरि भारती भार्गवि शोकविनासिनि रत्नमये
मणिमय भुशण कर्ण विभुशण शान्ति समाव्रुत हास्यमुखे
नवनिधि दायिनि कालीमाला हारिणि काम्य फलप्रदा हास्तयुते
जया जयहे मधुसूदाना कामिनी विद्यालक्श्मि सदा पालय माँ||

Pranata sureshvari bharati bhargavi shoka vinashini ratna maye |
mani maya bhushita karma vibhushana shanti samav.rta hasya mukhe ||
navanidhi dayini kavimala harini kamita phala prada hasta yute |
jaya jaya he madhu sudana kamini vidya lakshmi sada palaya mam || 7 ||


Meaning:
Oh Vidya Lakshmi the bestorwer of erudition, please protect. You are Bhargavi and you are Bharati. You alleviate grief of all. You are adorned with a variety of gems and your ear hangings are studed with gems. Your cheerful face radiates peace. You are bestower of all the nine types of wealth. You eradicate evils of Kali Age. You fulfill desires. Victory, Victory to dear consort of Madhusudana.


8. धना लक्ष्मी (Dhana lakshmi):

धीमी धीमी धिन धीमी ढिंधिमी ढिंधिमी डुनडुबही नाद सुपुर्ण मये
गुमा गुमा गुँगूमा गुँगूमा गुमगुमा सांखा निनाद सुवाद्य नुते
वेद पुराण्यितिहास सुपूजीता वैदिका मार्ग प्रदर्शय

Dhimi dhimi dhin dhimi dhin dhimi dhin dhimi dun dubhi nada supurna maye |
ghuma ghuma ghum ghuma ghum ghuma ghum ghuma shankha ni nada suvadya nute ||
veda purane itihasa supujita vaidika marga pradarsha yute |
jaya jaya he madhu sudana kamini dhana lakshmi rupena palaya mam|| 8 ||

Meaning
Oh Dhana Lakshmi the bestower of prosperity, You engross in rhythmic sounds 'Dhim dhim'. You are worshipped with divine sound of Conch and other instruments. You are worshipped by Vedas, Puranas and mythology. You show us the vedic path. Victory, Victory to Dhanalakshmi the dear consort of Madhusudana.

मुकुंदा मुकुंदा कृष्णा, मुकुंदा मुकुंदा, मुझे दान में दे वृंदा विरिन्दा विरिन्दा। Mukunda mukunda krishna mukunda mukunda Mujhe daan mein de vrinda virinda virinda

मुकुंदा मुकुंदा कृष्णा, मुकुंदा मुकुंदा, 
मुझे दान में दे वृंदा विरिन्दा विरिन्दा।
मटकी से माखन फिर से चुरा,
गोपियों का विरह तू आके मिटा॥

मुकुंदा मुकुंदा कृष्णा, मुकुंदा मुकुंदा, 
मुझे दान में दे वृंदा विरिन्दा विरिन्दा।
मैं कठपुतली, डोर तेरे साथ
कुछ भी नही है अब मेरे हाथ|

जय जय राम, जय जय राम, 
जय जय राम, जय जय राम
सीता राम, जय जय राम, 
जय जय राम, जय जय राम|
हे नंदलाला हे कृष्णा स्वामी, 
तुम तो हो ज्ञानी ध्यानी अंतर्यामी।
महिमा तुम्हारी जो भी समझ ना पाए, 
ख़ाक में मिल जाए वो खल्कामी।
ऐसा विज्ञान जो भी तुझ को ना माने, 
तेरी श्रद्धालुओं की शक्ति ना जाने।
जो पाठ पढाया था तुमने गीता का अर्जुन को 
वो आज भी सच्ची राह दिखाए मेरे जीवन को।
मेरी आत्मा को अब ना सता, 
जल्दी से आके मोहे दरस दिखा॥

अएइ मुकुंदा मुकुंदा कृष्णा, मुकुंदा मुकुंदा, 
मुझे दान में दे वृंदा विरिन्दा विरिन्दा।
नैया मजधार में भी तुने बचाया, 
गीता का ज्ञान दे के जग को जगाया।
छू लिया ज़मीन से ही, आसमान का तारा, 
नरसिंघा का रूप धर के हिरन्य को मारा।
रावण के सर को काटा राम रूप ले के, 
राधे का मन चुराया प्रेम रंग दे के।
मेरे नयनों में फूल खिले सब तेरी खुशबू के, 
मैं जीवन साथी चुन लूं तेरे पैरों को छू के।
किसके माथे सजाऊं मोर पंख तेरा, 
कई सदियों जन्मों से तू है मेरा॥
मुकुंदा मुकुंदा कृष्णा, मुकुंदा मुकुंदा, 
मुझे दान में दे वृंदा विरिन्दा विरिन्दा।
मोरा गोविंदा लाला मोरा तन का सांवर जी का गोरा।
उसकी कही ना कोई खबर आता कहीं ना वो तो नज़र।
आजा आजा झलक दिखाजा देर ना कर आ आजा गोविंदा गोपाला।

मुकुंदा मुकुंदा कृष्णा, मुकुंदा मुकुंदा, 
मुझे दान में दे वृंदा विरिन्दा विरिन्दा।

Mukunda mukunda krishna mukunda mukunda
Mujhe daan mein de vrinda virinda virinda 
mukunda mukunda krishna mukunda mukunda
mujhe daan mein de vrinda virinda virinda
Mataki se makhan phir se chura
Gopiyo ka viraha tu aake mita,

Mukunda mukunda krishna mukunda mukunda
mujhe daan mein de vrinda virinda virinda
Main kathputali, dor tere saath
kuchh bhi nahi hai ab mere hath
Mukunda mukunda krishna mukunda mukunda
mujhe daan mein de vrinda virinda virinda


Jai jai raam, jai jai raam, jai jai raam, jai jai raam
sita raam, jai jai raam, jai jai raam, jai jai raam

Hey nandlaal, hey krishnaswami
tum toh ho gyani dhyani antaryami
Mahima tumhari jo bhi samajh na paye
khak mein mil jaye wo khalkami
Aisa vigyan jo ki tujhko na mane
teri shradalu ki shakti na jane
Jo path padhaya tha tumne gita ka arjun ko
wo aaj bhi sachchi raah dikhaye mere jivan ko
Meri aatma ko ab na sata
jaldi se aake mohe daras dikha
Ye mukunda mukunda krishna mukunda mukunda
mujhe daan mein de vrinda virinda virinda

Naiya majhdhar mein bhi tune bachaya
gita ka gyan deke jag ko jagaya
Chhu liya jamin se hi aasma ka tara
narsigha roop dharke hiranya ko mara
Ravan ke sar ko kata ram roop leke
radhe ka mann churaya prem rang deke
Meri naino mein phool khile sab teri khushbu ke
main jeevan sathi chun loo tere pairo ko chhu ke
Kiske maathe sajau mor pankh tera
kayi sadiyo janmo se tu hai mera
mukunda mukunda krishna mukunda mukunda
mujhe daan mein de vrinda virinda virinda

More govinda laala mora tanka sa ora ji ka dhora
usaki kahi na koyi khabar, aaja kahin na o toh najar
Aaja aaja jhalak dikha aaja, der na kar aaja govinda gopaala
Mukunda mukunda krishna mukunda mukunda
mujhe daan mein de vrinda virinda virinda
Mukunda mukunda krishna mukunda mukunda
mujhe daan mein de vrinda virinda virinda