Wednesday, 30 September 2015

जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता।

जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता।
अपने सेवक जन को, सुख सम्पत्ति दाता॥
जय सन्तोषी माता॥

सुन्दर चीर सुनहरी माँ धारण कीन्हों।
हीरा पन्ना दमके, तन श्रृंगार कीन्हों॥
जय सन्तोषी माता॥

गेरू लाल छटा छवि, बदन कमल सोहे।
मन्द हंसत करुणामयी, त्रिभुवन मन मोहे॥
जय सन्तोषी माता॥

स्वर्ण सिंहासन बैठी, चंवर ढुरें प्यारे।
धूप दीप मधुमेवा, भोग धरें न्यारे॥
जय सन्तोषी माता॥

गुड़ अरु चना परमप्रिय, तामे संतोष कियो।
सन्तोषी कहलाई, भक्तन वैभव दियो॥
जय सन्तोषी माता॥

शुक्रवार प्रिय मानत, आज दिवस सोही।
भक्त मण्डली छाई, कथा सुनत मोही॥
जय सन्तोषी माता॥

मन्दिर जगमग ज्योति, मंगल ध्वनि छाई।
विनय करें हम बालक, चरनन सिर नाई॥
जय सन्तोषी माता॥

भक्ति भावमय पूजा, अंगीकृत कीजै।
जो मन बसै हमारे, इच्छा फल दीजै॥
जय सन्तोषी माता॥

दुखी दरिद्री, रोग, संकट मुक्त किये।
बहु धन-धान्य भरे घर, सुख सौभाग्य दिये॥
जय सन्तोषी माता॥

ध्यान धर्यो जिस जन ने, मनवांछित फल पायो।
पूजा कथा श्रवण कर, घर आनन्द आयो॥
जय सन्तोषी माता॥

शरण गहे की लज्जा, राखियो जगदम्बे।
संकट तू ही निवारे, दयामयी अम्बे॥
जय सन्तोषी माता॥

सन्तोषी माता की आरती, जो कोई जन गावे।
ऋद्धि-सिद्धि, सुख-सम्पत्ति, जी भरकर पावे॥
जय सन्तोषी माता॥

ऊँ जय बृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा।

ऊँ जय बृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा।
छिन छिन भोग लगाऊँ, कदली फल मेवा॥
ऊँ जय बृहस्पति देवा॥

तुम पूर्ण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।
जगतपिता जगदीश्वर, तुम सबके स्वामी॥
ऊँ जय बृहस्पति देवा॥

चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता।
सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता॥
ऊँ जय बृहस्पति देवा॥

तन, मन, धन अर्पण कर, जो जन शरण पड़े।
प्रभु प्रकट तब होकर, आकर द्वार खड़े॥
ऊँ जय बृहस्पति देवा॥

दीनदयाल दयानिधि, भक्तन हितकारी।
पाप दोष सब हर्ता, भव बन्धन हारी॥
ऊँ जय बृहस्पति देवा॥

सकल मनोरथ दायक, सब संशय तारो।
विषय विकार मिटाओ, सन्तन सुखकारी॥
ऊँ जय बृहस्पति देवा॥

जो कोई आरती तेरी प्रेम सहित गावे।
जेष्टानन्द बन्द सो सो निश्चय पावे॥
ऊँ जय बृहस्पति देवा॥

आरती युगलकिशोर की कीजै। तन मन धन न्यौछावर कीजै॥

आरती युगलकिशोर की कीजै। तन मन धन न्यौछावर कीजै॥
गौरश्याम मुख निरखन लीजै, हरि का स्वरूप नयन भरि पीजै।
रवि शशि कोटि बदन की शोभा, ताहि निरखि मेरो मन लोभा।
ओढ़े नील पीत पट सारी, कुन्जबिहारी गिरिवरधारी।
फूलन की सेज फूलन की माला, रत्न सिंहासन बैठे नन्दलाला।
कंचन थाल कपूर की बाती, हरि आये निर्मल भई छाती।
श्री पुरुषोत्तम गिरिवरधारी, आरती करें सकल ब्रजनारी।
नन्दनन्दन बृजभान किशोरी, परमानन्द स्वामी अविचल जोरी।

Tuesday, 29 September 2015

ह्रदय विराजें सदा ही जिनके, राम लखन औ जानकी आवो हम सब मिलकर करलें, आरति उन हनुमान की

ह्रदय विराजें सदा ही जिनके, राम लखन औ जानकी
आवो हम सब मिलकर करलें, आरति उन हनुमान की

शंकर सुवन, केसरी नन्दन, अंजनी माँ के दुलारे है
प्रभु चरनन में आस लगी है दास ये सबके प्यारे है
निगल गये थे सूर्य को एक दिन, सब देवों से न्यारे है
भक्त्ति पसारे, राम दुवारे, वहाँ के ये रखवारे हैं
मुख से जिनके हरदम निकले, जै हो कृपा निधान की

नाधि गये सतयो जन सागर, कपिदल तब हर्षाया था
अजर, अमर, गुण निधि सुत का आशीष सिया से पाया था
मेघनाद सा अतुलित योद्धा, आपसे ही घबराया था
हार गया जब लड़ते-२ तब ब्रह्मास्त्र चलाया था
बंध कर गये दे खने महिमा, रावण के अभिमान की

जला के लंका, वीर है वंका, रावण गर्व मिटाया था
सीता माँ का पता बताकर, प्रभु को सुख पहुंचाया था
लखनलाल की जान बचाकर, तिहुँपुर नाम कमाया था
फाड़ के सीना दिखा दिये जो प्रभु को ह्रदय बसाया था
गुरुदेव हर जगह सत्य से विजय हुई भगवान की

श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं, हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं।



श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,

हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं।
आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,
श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं।
बाल कृष्ण तेरी आरती गाऊं॥


मोर मुकुट प्यारे शीश पे सोहे।
प्यारी बंसी मेरो मन मोहे।
देख छवि बलिहारी मैं जाऊं।
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं॥

चरणों से निकली गंगा प्यारी,
जिसने सारी दुनिया तारी।
मैं उन चरणों के दर्शन पाऊं।
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं॥

दास अनाथ के नाथ आप हो।
दुःख सुख जीवन प्यारे साथ आप हो।
हरी चरणों में शीश झुकाऊं।
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं॥

श्री हरीदास के प्यारे तुम हो।
मेरे मोहन जीवन धन हो।
देख युगल छवि बलि बलि जाऊं।
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं॥”

खुश होंगे हनुमान राम राम किये जा...

सुबह शाम आठो याम यही नाम लिए जा 
खुश होगे हनुमान राम राम किये जा......

लिखा था राम नाम जो पत्थर भी तैर गए 
किये राम से जो बैर जीते जी वो मर गये 

राम नाम की धुन पे नाचे हो कर के मतवाला 
बजरंगी सा इस दुनिया में कोई ना देखा देव निराला 

जो भी हनुमत के दर पे आता उसका संकट टाला 
मुख में राम तन में राम जपे राम नाम की माला 

बस नाम का रस पान ऐ इंसान किये जा 
खुश होंगे हनुमान राम राम किये जा...

तेरे मन में राम, तन में राम, रोम रोम में राम रे

तेरे मन में राम, तन में राम, रोम रोम में राम रे,
राम सुमीर ले, ध्यान लगाले, छोड़ जगत के काम रे ।
बोलो राम, बोलो राम, बोलो राम राम राम ॥

माया में तू उलझा उलझा धर धर धुल उडाये,
अब क्यों करता मन भारी जब माया साथ छुडाए ।
दिन तो बीता दोड़ दूप में, बीत ना जाए शाम रे,
बोलो राम, बोलो राम, बोलो राम राम राम ॥

तन के बीतर पांच लुटेरे डाल रहें हैं डेरा,
काम क्रोध मद लोभ मोह ने तुझ को कैसा घेरा ।
भूल गया तू राम रटन, भूला पूजा का काम रे,
बोलो राम, बोलो राम, बोलो राम राम राम ॥

बचपन बीता खेल खेल में भरी जवानी सोया,
देख बुढापा अब तो सोचे, क्या पाया क्या खोया ।
देर नहीं है अब भी बन्दे, लेले उस का नाम रे,
बोलो राम, बोलो राम, बोलो राम राम राम ॥

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की 
गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला।
श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला।
गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली।
लतन में ठाढ़े बनमाली;
भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक, चंद्र सी झलक;
ललित छवि श्यामा प्यारी की॥
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥ x2

कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं।
गगन सों सुमन रासि बरसै;
बजे मुरचंग, मधुर मिरदंग, ग्वालिन संग;
अतुल रति गोप कुमारी की॥
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥ x2

जहां ते प्रकट भई गंगा, कलुष कलि हारिणि श्रीगंगा।
स्मरन ते होत मोह भंगा;
बसी सिव सीस, जटा के बीच, हरै अघ कीच;
चरन छवि श्रीबनवारी की॥
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥ x2

चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू।
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू;
हंसत मृदु मंद,चांदनी चंद, कटत भव फंद;
टेर सुन दीन भिखारी की॥
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥ x2
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥

श्री रामचन्दर जी के 108 नाम

श्री रामचन्दर जी के 108 नाम 
ओम राम रामाया नमः .
ओम रमा भद्राय नमः .
ओम रमा चन्द्राया नमः .
ओम राम शाश्वताय नमः .
ओम राजीवालोचनाया नमः .
ओम वेदात्मने नमः .
ओम भवरोगस्य भेशहजाया नमः .
ओम दुशहना त्रिशिरो हंत्रे नमः .
ओम त्रिमूर्तये नमः .
ओम त्रिगुणात्मकाया नमः
ओम श्रीमती नमः .
ओम राजेन्द्राय नमः .
ओम रघुपुंगवाया नमः .
ओम जानकीवल्लभाया नमः .
ओम जैत्रैय नमः .
ओम जितामित्राय नमः
ओम जनार्दनाया नमः .
ओम विश्वामित्रप्रियाया नमः .
ओम दान्ताय नमः .
ओम सहारा नत्रा न तत्पराय नमः .
ओम वालिप्रमथनाया नमः .
ओम वाग्मिने नमः .
ओम सत्यवाचे नमः .
ओम सत्यविक्रमाया नमः .
ओम सत्यव्रताया नमः .
ओम व्रतधराय नमः .
ओम सदाहनुमदाश्रिताया नमः
ओम कौसलेयाया नमः .
ओम खरध्वा .नसिने नमः .
ओम विराधवधपण दिताया नमः .
ओम विभीषहना परित्रात्रे नमः .
ओम हरकोदंडा खा .न्दनाया नमः .
ओम सप्तताला प्रभेत्त्रे नमः .
ओम दशग्रीव शिरोहराय नमः .
ओम जामदग्न्य महादर्पदलनाया नमः .
ओम ताटकान्तकाया नमः .
ओम वेदान्तसाराय नमः
ओम त्रिविक्रमाय नमः .
ओम त्रिलोकात्मने नमः .
ओम पुण्याचारित्रकीर्तनाया नमः .
ओम Trilokaraxakaaya नमः .
ओम धनविणे नमः .
ओम दण्डकारण्य पुण्यकर ^इते नमः .
ओम अहल्या शाप शमनाया नमः .
ओम पित्रै भक्ताय नमः .
ओम वरप्रदाय नमः .
ओम राम जितेंद्रियाया नमः
ओम राम Jitakrodhaaya नमः .
ओम राम जितामित्राय नमः .
ओम राम जगद्गुरावे नमः .
ओम राम रक्षवानरा संगठिने नमः .
ओम चित्रकूट समाश्रयाया नमः .
ओम राम जयन्तत्राणवरदया नमः .
ओम Sumitraaputra सेविताया नमः .
ओम सर्वदेवादी देवाय नमः .
ओम राम मृतवानरजीवनया नमः .
ओम राम मायामारीचाहन्त्रे नमः .
ओम महादेवाय नमः .
ओम महाभुजाया नमः .
ओम सर्वदेवस्तुताया नमः .
ओम सौम्यया नमः .
ओम ब्रह्मन्याया नमः .
ओम मुनिसाँसुतसंस्तुतया नमः .
ओम महा योगिनी नमः .
ओम महोदराय नमः .
ओम सच्चिदानंदा विग्रहाया नमः .
ओम परस्मै ज्योतिषी नमः .
ओम परस्मै धाम्ने नमः .
ओम पराकाशाय नमः .
ओम परात्पराय नमः .
ओम परेशाय नमः .
ओम पारगाया नमः .
ओम पराया नमः .
ओम सर्वदेवात्मकाया परस्मै नमः .
ओम सुग्रीवेप्सिता राज्यदाय नमः .
ओम सर्वपुण्याधिका फैलाया नमः .
ओम Smraita सर्वाघ नाशनाया नमः .
ओम आदिपुरुषहाया नमः .
ओम परमपुरुषहाया नमः .
ओम महापुरुषहाया नमः .
ओम पुण्योदयाया नमः .
ओम अयासाराय नमः .
ओम पुराणपुरुषोत्तमाया नमः .
ओम स्मितवक्त्राय नमः .
ओम मितभाषहीने नमः .
ओम पूर्वभाषहीने नमः .
ओम राघवाया नमः .
ओम अनन्तगुणा गम्भीराय नमः .
ओम धीरोड्डात्तगुणोत्तमाया नमः .
ओम मायामानुषः चरित्राय नमः .
ओम महादेवादिपूजिताया नमः .
ओम राम सेतुकृते नमः .
ओम जितवाराशये नमः .
ओम सर्वतीर्थमयाया नमः .
ओम हरये नमः .
ओम श्यामा .नगाया नमः .
ओम सुन्दराय नमः .
ओम शूराय नमः .
ओम पितवाससे नमः .
ओम धनुर्धराय नमः .
ओम सर्वयज्ञाधिपाया नमः .
ओम यज्वने नमः .
ओम जरामरणवर्जिताया नमः .
ओम विभीषहना प्रतिष्ठात्रे नमः .
ओम सर्वावगुणवर्जिताया नमः .
ओम परमात्मने नमः .
ओम परस्मै ब्रह्मणे नमः .

खुद को अकेला क्यूँ समझे तू राम जो खेवनहारा हैं

खुद को अकेला क्यूँ समझे तू
राम जो खेवनहारा हैं
भूल जा इस बेरंग जहाँ को
राम का नाम सहारा हैं

सब बल, बुद्धि, धन के पुजारी
स्वार्थ ने सबको मारा हैं
तू चाहता हैं कोरी चाहत
राम ही ऐसा प्यारा हैं

सुन्दरता की हवस सभी को
नश्वर देह हमारा हैं
जग की प्यास नहीं बुझती हैं
राम तो अमृतधारा हैं

जग की होड से बाहर आजा
पलभर अपना तू हो जा
मंद मंद मुसकाये अन्दर
तेरा सिर्फ राम राजा
राम हैं अन्दर, राम हैं बाहर
जीवन मेरा संवारा रे
राम के नाम पे मर मिट जाऊं
सार्थक जीवन मेरा रे 
जय श्री सीताराम

Om Jai Surya Bhagwan Jai Ho Dinkar Bhagwan

Om Jai Surya Bhagwan
Jai Ho Dinkar Bhagwan
Jagat Key Naitra Swaroopa
Tum Ho Triguna Swaroopa
Dharata Sabahi Tab Dhyan
Om Jai Surya Bhagwan

Saarthi Arun Ahi Prabhu Tum Swaita Kamal Dharee
Tum Chaar Bhujaa Dharee
Ashwa Hai Saath Tumhaare
Koti Kirana Pasare
Tum Ho Deva Mahan
Om Jai Surya Bhagwan

Usha Kaal May Jab Tum
Udaya Chal Aatay
Sab Tab Darshan Patay
Phailatay Ujiara
Jaagta Sab Jag Saara
Kaari Sab Tab Gun Gaan
Om Jai Surya Bhagwan

Sandhya Me Bhuwaneshwar Hasta Chal Jaatay
Bho Dhan Tab Ghar Aatay
Gow Do Hi Phaila May
Har Ghar Har Angan May
Ho Tab Mahima Gaan
Om Jai Surya Bhagwan

Deva Dhanuj Nara Naree Rishi Muni Bhar Bhajtay
Aditya Hirdai Jabtay
Stotra Hi Mangal Karee
Is Aki Rchna Dhayee
Dey Nab Jeevan Gaan
Om Jai Surya Bhagwan

Tumho Trikaala Rachaitaa Tum Jag Key Atma
Mahima Tab Aparam Paar
PRanoka Sinchan Kartay
Bhakto Ko Apnay Day Tay
Bal Budhi Aur Gyan
Om Jai Surya Bhagwan

Bhoo Char Jal Char Khay Char
Sab Kay Ho Praan Tumhi
Sab Jeevo Kay Praano Tumhi
Vedo Puran Bakhanee
Dharma Sabhi Tumhi Maney
Tum Hi Sarva Sakti Maan
Om Jai Surya Bhagwan

Poojan Kartay Dishaye
Poojay Sab Dikapaal
Tum Bhuvano Kay Pratipaal
Rituyein Tumharee Dasee
Tum Shaswat Avinshee
Shubh Karee Anshumaan
Om Jai Surya Bhagwan

राधा के मन में बस गए श्याम बिहारी

राधा के मन में बस गए श्याम बिहारी
श्याम रंग में रंग गयी राधा, भूली सुध बुध सारी
राधा के मन में बस गए...

श्याम नाम की चुनर ओडी, श्याम नाम की चुडीयाँ
अंग अंग में श्याम समाए, मिट गयी सारी दूरिया
कानो में कुण्डल गल वैजयंती माला लागे प्यारी
राधा के मन में बस गए...

बैठे कदम की डाल कन्हैया मुरली मधुर बजाए
साँझ सकारे मुरली के स्वर राधा राधा गाए
इस मुरली की तान पे जाए यह दुनिया बलिहारी
राधा के मन में बस गए...

अधर सुधा रस मुरली राजे, काहना रास रचाए
कृष्ण रचैया राधा रचना, प्रेम सुधा बरसाए
प्रेम मगन हो सब ही बोलो, जय हो बांके बिहारी
राधा के मन में बस गए...

Prabhu Der Na Karna Jai Siya Ram Jai Siya Ram Jai Siya Ram

Prabhu Der Na Karna Jai Siya Ram
Prabhu Der Na Karna Jai Siya Ram
Jai Siya Ram Jai Siya Ram

Hum Deen Dukhi Ke Ek Hi Tumhi
Andher Na Karna Jai Siya Ram
Andher Na Karna Jai Siya Ram

Hum Deen Dukhi Ke Ek Tumhi
Andher Na Karna Jai Siya Ram
Andher Na Karna Jai Siya Ram

Prabhu Der Na Karna Jai Siya Ram
Jai Siya Ram Jai Siya Ram Jai Siya Ram

Tere Naam Sahare O Mere Pyare
Jeete Hai Jan Jo Anuragi
Tere Naam Sahare O Mere Pyare
Jeete Hai Jan Jo Anuragi

Iss Jeevan Ka Har Palchhin Ka
Phal Paya Unhone Badbhagi
Iss Jeevan Ka Har Palchhin Ka
Phal Paya Unhone Badbhagi

Hum Das Tihare Humper Bhi
Hum Das Tihare Humper Bhi
Ab Karuna Karna Jai Siya Ram
Ab Karuna Karna Jai Siya Ram

Prabhu Der Na Karna Jai Siya Ram
Jai Siya Ram Jai Siya Ram Jai Siya Ram

Kal Yug Ka Aisa Paap Bada
Maruthal Saa Jeevan Ho Jaye
Kal Yug Ka Aisa Paap Bada
Maruthal Saa Jeevan Ho Jaye

Sab Nem Prem Ki Bel Jali
Chhal Kapat Ke Kante Ugg Aaye
Sab Nem Prem Ki Bel Jali
Chhal Kapat Ke Kante Ugg Aaye

Yah Taap Mite Prabhu Kuchh Aise
Yah Taap Mite Prabhu Kuchh Aise
Ghan Ghor Barsna Jai Siya Ram
Ghan Ghor Barsna Jai Siya Ram

Prabhu Der Na Karna Jai Siya Ram
Jai Siya Ram Jai Siya Ram Jai Siya Ram

Hey Ram Prabhu Sukh Dham Prabhu
Bhakto Ne Baat Yahi Gayi
Hey Ram Prabhu Sukh Dham Prabhu
Bhakto Ne Baat Yahi Gayi
Deeno Ke Grahak Tum Hi Ho
Sharnagat Vatsal Raghurayee
Deeno Ke Grahak Tum Hi Ho
Sharnagat Vatsal Raghurayee

Hey Naath Abhi Humko Kitna
Hey Naath Abhi Humko Kitna
Hai Aur Tarsna Jai Siya Ram
Hai Aur Tarsna Jai Siya Ram

Prabhu Der Na Karna Jai Siya Ram
Jai Siya Ram Jai Siya Ram Jai Siya Ram

Hum Deen Dukhi Ke Ek Tumhi
Hum Deen Dukhi Ke Ek Tumhi
Andher Na Karna Jai Siya Ram
Andher Na Karna Jai Siya Ram

Prabhu Der Na Karna Jai Siya Ram
Jai Siya Ram Jai Siya Ram Jai Siya Ram

Jai Siya Ram Jai Siya Ram Jai Siya Ram
Jai Siya Ram Jai Siya Ram Jai Siya Ram

Jai Siya Ram Jai Siya Ram Jai Siya Ram
Jai Siya Ram Jai Siya Ram Jai Siya Ram

Bolo Sanchedarbar Ki Jai
Jai Jai Shri Ram

श्री शिव शंकर जी की आरती

श्री शिवशंकरजी की आरती 

हर हर हर महादेव!
सत्य, सनातन, सुन्दर, शिव सबके स्वामी।
अविकारी अविनाशी, अज अन्तर्यामी॥
हर हर हर महादेव!
आदि, अनन्त, अनामय, अकल, कलाधारी।
अमल, अरूप, अगोचर, अविचल, अघहारी॥
हर हर हर महादेव!
ब्रह्मा, विष्णु, महेश्वर तुम त्रिमूर्तिधारी।
कर्ता, भर्ता, धर्ता, तुम ही संहारी॥
हर हर हर महादेव!
रक्षक, भक्षक, प्रेरक, प्रिय औढरदानी।
साक्षी, परम अकर्ता, कर्ता अभिमानी॥
हर हर हर महादेव!
मणिमय-भवन निवासी, अति भोगी रागी।
सदा श्मशान विहारी, योगी वैरागी॥
हर हर हर महादेव!
छाल-कपाल, गरल-गल, मुण्डमाल व्याली।
चिता भस्मतन त्रिनयन, अयनमहाकाली॥
हर हर हर महादेव!
प्रेत-पिशाच-सुसेवित, पीत जटाधारी।
विवसन विकट रूपधर, रुद्र प्रलयकारी॥
हर हर हर महादेव!
शुभ्र-सौम्य, सुरसरिधर, शशिधर, सुखकारी।
अतिकमनीय, शान्तिकर, शिवमुनि मन-हारी॥
हर हर हर महादेव!
निर्गुण, सगुण, निरञ्जन, जगमय नित्य प्रभो।
कालरूप केवल हर! कालातीत विभो॥
हर हर हर महादेव!
सत्‌, चित्‌, आनन्द, रसमय, करुणामय धाता।
प्रेम-सुधा-निधि प्रियतम, अखिल विश्व त्राता॥
हर हर हर महादेव!
हम अतिदीन, दयामय! चरण-शरण दीजै।
सब विधि निर्मल मति कर, अपना कर लीजै॥
हर हर हर महादेव!


Shiv Ji ki Aarti 
Om Jai Shiv Omkara, Swami Jai Shiv Omkara।
Brahma, Vishnu, Sadashiv, Ardhangi Dhara॥
Om Jai Shiv Omkara॥
Ekanan Chaturanan Panchanan Raje।
Hansanan, Garudasan Vrishvahan Saje॥
Om Jai Shiv Omkara॥
Do Bhuj, Chaar Chaturbhuj Dashabhuj Ati Sohe।
Trigun Roop Nirakhate Tribhuvan Jan Mohe॥
Om Jai Shiv Omkara॥
Akshamala Vanamala Mundamala Dhari।
Tripurari Kansari Kar Mala Dhari॥
Om Jai Shiv Omkara॥
Shvetambar Pitambar Baaghambar Ange।
Sankadik Garunadik Bhootadik Sange॥
Om Jai Shiv Omkara॥
Kar Ke Madhya Kamandalu Chakra Trishuldhari।
Sukhakari Dukhahari Jagpalan Kari॥
Om Jai Shiv Omkara॥
Brahma Vishnu Sadashiv Janat Aviveka।
Madhu-Kaitabh Dou Mare, Sur Bhayheen Kare॥
Om Jai Shiv Omkara॥
Brahmanee Rudranee Tum Kamla Rani।
Pranavakshar Me Shobhit Ye Tino Eka॥
Om Jai Shiv Omkara॥
Lakshmi Va Savitri Parvati Sanga।
Parvati Ardhangi, Shivalahari Ganga॥
Om Jai Shiv Omkara॥
Parvat Sauhen Parvati, Shankar Kailasa।
Bhaang Dhatoor Ka Bhojan, Bhasmi Me vaasa॥
Om Jai Shiv Omkara॥
Jataa Me Ganga Bahat Hai, Gal Mundan Mala।
Shesh Naag Liptavat, Odat Mrigchhala॥
Om Jai Shiv Omkara॥
Kashi Me Viraje Vishwanath, Nandi Brahmchari।
Nit Uth Darshan Paavat, Mahima Ati Bhaari॥
Om Jai Shiv Omkara॥
Trigunswami Ji Ki Aarti Jo Koi Nar Gave।
Kahat Shivanand Swami, Manvanchhit Phal Pave॥
Om Jai Shiv Omkara॥

श्री हनुमान चालीसा

श्री हनुमान चालीसा

श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुर सुधारी
बरनौ रघुबर बिमल जसु, जो दायकू फल चारि
बुध्दि हीन तनु जानिके सुमिरौ पवन कुमार |
बल बुध्दि विद्या देहु मोंही , हरहु कलेश विकार ||


चोपाई

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर |
जय कपीस तिहुं लोक उजागर ||
राम दूत अतुलित बल धामा |
अंजनी पुत्र पवन सुत नामा ||

महाबीर बिक्रम बजरंगी|
कुमति निवार सुमति के संगी ||
कंचन बरन बिराज सुबेसा |
कानन कुण्डल कुंचित केसा ||

हाथ वज्र औ ध्वजा विराजे|
काँधे मूंज जनेऊ साजे||
संकर सुवन केसरी नंदन |
तेज प्रताप महा जग बंदन||

विद्यावान गुनी अति चातुर |
राम काज करिबे को आतुर ||
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया |
राम लखन सीता मन बसिया ||

सुकसम रूप धरी सियहि दिखावा |
बिकट रूप धरी लंक जरावा ||
भीम रूप धरी असुर संहारे |
रामचंद्र के काज संवारे ||

लाय संजीवनी लखन जियाये |
श्रीरघुवीर हरषि उर लाये ||
रघुपति कीन्हीं बहुत बड़ाई |
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई ||

सहस बदन तुम्हरो जस गावे |
अस कही श्रीपति कंठ लगावे ||
सनकादिक ब्रह्मादी मुनीसा|
नारद सारद सहित अहीसा ||

जम कुबेर दिगपाल जहा ते|
कबि कोबिद कही सके कहा ते||
तुम उपकार सुग्रीवहीं कीन्हा |
राम मिलाय राज पद दीन्हा ||

तुम्हरो मंत्र विभिषण माना |
लंकेश्वर भए सब जग जाना ||
जुग सहस्र योजन पर भानू |
लील्यो ताहि मधुर फल जाणू ||

प्रभु मुद्रिका मेली मुख माहीं|
जलधि लांघी गए अचरज नाहीं||
दुर्गम काज जगत के जेते |
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते ||

राम दुआरे तुम रखवारे |
होत न आग्यां बिनु पैसारे ||
सब सुख लहै तुम्हारी सरना |
तुम रक्षक काहू को डरना ||

आपन तेज सम्हारो आपे |
तीनों लोक हांक ते काँपे ||
भुत पिशाच निकट नहिं आवे |
महावीर जब नाम सुनावे ||

नासै रोग हरे सब पीरा |
जपत निरंतर हनुमत बीरा ||
संकट से हनुमान छुडावे |
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै||

सब पर राम तपस्वी राजा |
तिन के काज सकल तुम साजा ||
और मनोरथ जो कोई लावे |
सोई अमित जीवन फल पावे ||

चारों जुग प्रताप तुम्हारा |
है प्रसिद्ध जगत उजियारा ||
साधु संत के तुम रखवारे |
असुर निकंदन राम दुलारे ||

अष्ट सिद्धि नौनिधि के दाता |
अस बर दीन जानकी माता ||
राम रसायन तुम्हरे पासा |
सदा रहो रघुपति के दासा ||

तुम्हरे भजन राम को पावे |
जनम जनम के दुःख बिस्रावे ||
अंत काल रघुबर पुर जाई |
जहा जनम हरी भक्त कहाई ||

और देवता चित्त न धरई |
हनुमत सेई सर्व सुख करई||
संकट कटे मिटे सब पीरा |
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा ||

जय जय जय हनुमान गोसाई |
कृपा करहु गुरु देव के नाइ ||
जो सत बार पाठ कर कोई |
छूटही बंदी महा सुख होई ||

जो यहे पढे हनुमान चालीसा |
होय सिद्धि साखी गौरीसा ||
तुलसीदास सदा हरी चेरा |
कीजै नाथ हृदये मह डेरा ||

दोहा

पवन तनय संकट हरन, मंगल मूर्ति रूप |
राम लखन सीता सहित , ह्रुदय बसहु सुर भूप

Thursday, 17 September 2015

Sun lo Sai Baba, sun lo Sai Baba vinti Hamaari

Sun lo Sai Baba, sun lo Sai Baba vinti Hamaari (2)
Karlo bhakton me ginti hamaari (2)
Nit nit har din har pal har din, dil base Tu Sai, (2)

Jaagi he mere dil main Tere darshan ki Aashaa
Puri karde Shirdiwale ye abhilaashaa
Sai mere Sai
Puri karde Shirdiwale ye abhilaashaa
Charanon main Tere katu umariyaa (2)
Katu umariyaa saari

Sun lo Sai Baba, sun lo Sai Baba vinti Hamaari (2)
Karlo bhakton me ginti hamaari (2)
Nit nit har din har pal har din, dil base Tu Sai, (2)
Sai Naath Sai Naath
Sai Sai Sai bolo Sai Sai Sai (2)

Teri Mahimaa Tu hi jaane Sai Baba
abto darshan de de mujko Baba
Sai mere Sai
Teri mahimaa Tu hi jaane Sai Baba
abto darshan de de Sai Baba
Teraa rastaa takte takte (2)
Ho gaye nainaa bhaari

Sun lo Sai Baba, sun lo Sai Baba vinti Hamaari (2)
Karlo bhakton me ginti hamaari (2)
Nit nit har din har pal har din, dil base Tu Sai, (2)

Wednesday, 16 September 2015

Ankhe band karun ya kholun mujhko darshan de dena... darshan de denaa, Sai mujhe darshan de denaa...

Ankhe band karun ya kholun 
mujhko darshan de dena... 
darshan de denaa, 
Sai mujhe darshan de denaa... 

main naachiz hun bandaa teraa 
Tu sabkaa daataa hai... 
tere haath main saari duniyaa 
mere haath main kyaa hai... 
Tujhko dekhun jisme 
esaa darpan de denaa... 
ankhe band karun yaa... 

mere andar Teri laharen
 rishtaa hai sadiyon kaa... 
jaise ik naataa hotaa hai 
saagaar kaa naduyon kaa... 
Karun saadhanaa teri keval 
saadhanaa de denaa... 
ankhe band karun yaa... 

hum sab hain Sitayen terii 
hum sab raam Tumhaare... 
Teri kathaa sunte jaayenge 
Baba Tere sahaare... 
is jungle men chaahe lakhon 
raavan de denaa... 
ankhe band karun yaa... 

meri maang badi saadhaaran 
man men aate rahiyo...
har ik saans ke piche 
apni jalak dikhlaate rahiyo... 
naam Teraa le 
aakhir tak vo dhadkan de denaa... 
ankhe band karun yaa....

Guru Nanak Ji Ki Jai Jai Kaar Jo Bole So Hoye Nihal

Guru Nanak Ji Ki Jai Jai Kaar 
Jo Bole So Hoye Nihal 
Allah Sai Lelo Salam 
Maula Sai Lelo Salam 
Salam Salam Lakhö Salam 
Salam Salam Lelo Salam 
Yeshu Pitha Prabhu Sai Ram 
Buddha Zoarashtra Mahavir Naam 
Salam Salam Lakhon Salam 
Sai Mera Salam Salam Salam Lelo Salam

Jai Jai Narayana Narayana Hari Hari Sai Narayana Narayana Hari Hari

Jai Jai Narayana Narayana Hari Hari, 
Sai Narayana Narayana Hari Hari 
Teri Leela Sabse Nyari Nyari Hari Hari 
Teri Mahima, Teri Mahima, 
Teri Mahima Sabse Pyari Pyari Hari Hari 

Jai Jai Narayana Narayana Hari Hari 
Sai Narayana Narayana Hari Hari 


Alakha Niranjan Bhava Bhaya Bhanjana 
Janama Niranjana Daata 
Humey Sharan Dey Apne Charen Mei Kar Nirbhay Jaga Trata 
Tuney Lakhon Ki Naiya Tari Tari Hari Hari 


Prabhu Ke Nam Ka Paras Jo Chhoonley, Vo Ho Jaye Sona 
Do Akshar Ka Shabdha Hari Hai Lekin Bada Salona, 
Usney Sankatha Taali Bhaari Bhaari Hari Hari .

Mandir Me Tum Ram Ho Sai Masjid Me Nur Mohammed

Mandir Me Tum Ram Ho 
Sai Masjid Me Nur Mohammed 
Masjid Me Allah Ho Akbar 
Gurudvare Me Tu Guru Nanak 
Mana Mandir Me Sai Sai 
Bolo Ram Eka Hi Ram 
Sab Mil Bolo Sai Ram

Mera Aapki Kripa se sab kaam ho raha hai Karte to tum ho Sai, mera naam ho raha hai

Mera Aapki Kripa se sab kaam ho raha hai 
Karte to tum ho Sai, mera naam ho raha hai 
Mera Aapki Kripa se sab kaam ho raha hai 

Patwaar ke bina he meri naav chal rahi hai 
Hairaan hai zamana manzil bhi mil rahi hai 
Karta nahi mai kuch bhi, mera sab kaam ho raha hai 
Mera Aapki Kripa se sab kaam ho raha hai 

Koi nahi tha mera, fhirta tha mara mara 
Be aasre ko Baba, tum ne diya sahara 
Tera karam ye mujh pe sareaam ho raha hai 
Karte to tum ho Baba, mera naam ho raha hai 
Mera Aapki Kripa se sab kaam ho raha hai 

Tum sath ho jo mere kis cheez ke kami hai 
Kisi aur cheez ke ab parwaha he nahi hai 
Tere sath se gulam ab gulfaam ho raha hai 
Karte to tum ho Sai, mera naam ho raha hai 
Mera Aapki Kripa se sab kaam ho raha hai