Tuesday, 23 April 2013

राम राम राम राम जप मन मेरे ।

राम राम राम राम जप मन मेरे ।

राम नाम से बड़ौ हितू नहीं तेरे ।।

नर की तो कौन कहे देव भी हैं चेरे ।
रामजी का नाम भजे साझ-सवेरे ।।

अवगुन दूर हों गुण हों घनेरे ।
दुःख-दोष दूर हों आएँ नहीं नेरे ।।

रामनाम में ही सारे सुख तू हेरे ।
रामनाम जप मन काम होंगे पूरे ।।

राम बिना काम का जग नहीं तेरे ।
संतोष कहे राम राम राम कहें मेरे ।।

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