Tuesday, 2 April 2013

राम बिनु तन को ताप न जाई

राम बिनु
राम बिनु तन को ताप न जाई
जल में अगन रही अधिकाई
राम बिनु तन को ताप न जाई
तुम जलनिधि मैं जलकर मीना
जल में रहहि जलहि बिनु जीना
राम बिनु तन को ताप न जाई
तुम पिंजरा मैं सुवना तोरा
दरसन देहु भाग बड़ मोरा
राम बिनु तन को ताप न जाई
तुम सद्गुरु मैं प्रीतम चेला
कहै कबीर राम रमूं अकेला
राम बिनु तन को ताप न जाई

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