Tuesday, 23 April 2013

श्रीराम चालीसा



श्रीराम चालीसा 

।। श्री गणेशायनमः ।।

।। राम श्रीराम श्रीराम श्रीराम ।।

दोहा- 
तुलसिदास मानस विमल राम नाम श्रीराम ।
चहु गुर पद रज शीस धरि सादर करौं प्रनाम ।।
अविगत अलख अनादि प्रभु जगताश्रय जगरूप ।
पद कंज रति देहु मोहि अविरल अमल अनूप ।।

चौपाई-
जय रघुनाथ राम जग नायक । दीनबन्धु सज्जन सुखदायक ।।
प्रनतपाल सुंदर सब लायक । असरन सरन धरे धनु सायक ।।
नाम लेत मुद मंगल दायक । सरल सबल असहाय सहायक ।।
सुमुख सुलोचन अज अविनासी । संतत गिरिजा पति उर वासी ।।
अगम अगोचर जन दुःख नासी । सहज सुगम अनुपम सुखरासी ।।
दया क्षमा करुना गुन सागर । पुरुष पुरान सुशील उजागर ।।
हरि हर बिधि सुर नर मुनि भावन । अघ अविवेक समूल नसावन ।।
भरत लखन रिपुहन हनुमाना । संग सिया राजत भगवाना ।।
रूप अनूप मदन मद हारी । गावत गुन सुर नर मुनि झारी ।।
सुर नर मुनि प्रभु देखि दुखारे । तजि निज धाम धरा पगु धारे ।
सुत बिनु दशरथ राय दुखारी । सुत होइ तिनको कियो सुखारी ।।
मख हित मुनिवर अति दुःख पाए । दुष्टन दलि तुम यज्ञ कराए ।
पाहन बनि मुनि गौतम नारी । सहत विपिन नाना दुःख भारी ।
ससंकोच निज पद रज डारी । दयासिन्धु तुम कियो सुखारी ।।
सोच मगन नृप सिया सहेली । मातु सकल नर नारि नवेली ।।
सबकर सोच मिटायेउ स्वामी । भंजि चाप जय राम नमामी ।।
परशुराम बहु आँखि दिखाए । गुन गन कहि धनु देय सिधाये ।।
करि कुचाल जननी पछितानी । तिनको बहुत भांति सनमानी ।
केवट नीच ताहि उर भेटा । सुर दुर्लभ सुख दे दुःख मेटा ।।
भरत भाय अति कियो बिषादा । जगत पूज भे राम प्रसादा ।।
आप गरीब अनेक निवाजे । साधु सभा ते आय बिराजे ।।
बन बन जाय साधु सनमाने । तिनके गुन गन आप बखाने ।।
नीच जयंत मोह बस आवा । जानि प्रभाव बहुत पछितावा ।।
शवरी गीध दुर्लभ गति पाए । सो गति लखि मुनिराज लजाये ।। 
कपि असहाय बहुत दुःख मानी । बसत खोह तजि के रजधानी ।।
करि कपीस तेहिं निज पन पाला । जयति जयति जय दीनदयाला ।।
बानर भालू मीत बनाये । बहु उजरे प्रभु आप बसाये ।।
कोल किरात आदि बनवासी । बानर भालु यती सन्यासी ।।
सबको प्रभु कियो एक समाना । को नहि नीच रहा जग जाना ।।
दे मुंदरी हनुमन्त पठाए । लंका जारि सिया सुधि लाए ।
पवनतनय गुन श्रीमुख गाये । जग बाढ़े प्रभु आप बढ़ाए ।।
हनुमत को प्रभु दियेउ बड़ाई । संकट मोचन नाम धराई ।
रावण भ्रात निसाचर जाती । आवा मिलइ गुनत बहु भांती ।।
ताहि राखि बहु बिधि हित कीन्हा । लंका अचल राज तुम दीन्हा ।।
चार पुरुषारथ मान बड़ाई । देत सदा दासन्ह सुखदाई ।।
मो सम दीन नहीं हित स्वामी । मामवलोकय अन्तरयामी ।।
रीति प्रीति युग-युग चलि आई । दीनन को प्रभु मान बड़ाई ।।
देत सदा तुम गहि भुज राखत । साधु सभा तिनके गुन भाखत ।।
कृपा अनूग्रह कीजे नाथा । विनवत दास धरनि धरि माथा ।।
छमि अवगुन अतिसय कुटिलाई । राखो सरन सरन सुखदाई ।।

दोहा- 
राम राम संतोष कह भरि नयनन महु नीर ।
प्रनतपाल असरन सरन सरन देहु रघुवीर ।।
राम चलीसा नेम ते पढ़ जो प्रेम समेंत ।
बसहिं आइ सियाराम जु ताके हृदय निकेत ।।

।। सियावर रामचन्द्र की जय ।।

राम राम राम राम जप मन मेरे ।

राम राम राम राम जप मन मेरे ।

राम नाम से बड़ौ हितू नहीं तेरे ।।

नर की तो कौन कहे देव भी हैं चेरे ।
रामजी का नाम भजे साझ-सवेरे ।।

अवगुन दूर हों गुण हों घनेरे ।
दुःख-दोष दूर हों आएँ नहीं नेरे ।।

रामनाम में ही सारे सुख तू हेरे ।
रामनाम जप मन काम होंगे पूरे ।।

राम बिना काम का जग नहीं तेरे ।
संतोष कहे राम राम राम कहें मेरे ।।

राम कृपा से दुनिया चले कोई माने न माने भले ।।

राम कृपा से दुनिया चले कोई माने न माने भले ।।
जो भी मिलता जिसे, राम देते उसे
रोजी-रोटी के सिलसिले । कोई माने न माने भले ।।
जो भी होता सही, राम करते वही
उनके मर्जी बिना एक पत्ता भी न हिले । कोई माने न माने भले ।।
अग-जग में बसे, कण-कण में रमें
सूरज चंदा में भी ज्योति उनकी जले । कोई माने न माने भले ।।
सुर, नर, मुनि ध्यायें, गुन उनके ही गायें
जग में दूजा नहीं राम सम कोउ मिले । कोई माने न माने भले ।।
प्रभु की माया निराली, जाल ऐसा वो डाली
जग भूला फिरे, घूमें-झूमें बनाता किले । कोई माने न माने भले ।।
जो भी प्रभुको न भूला, मन जिसका न फूला
जग में जीता वही, धन भाग उसके खिले । कोई माने न माने भले ।।
संतोष ध्याये उन्हें, जो बुलाए उन्हें
प्रेम से आके उसको लगा लें गले । कोई माने न माने भले ।।

ओम श्रीपंचमुखहनुमंताय आंजनेयाय नमो नम:

श्री गणेशाय नम: | 

ओम अस्य श्रीपंचमुख हनुम्त्कवचमंत्रस्य ब्रह्मा रूषि:| 

गायत्री छंद्:| 

पंचमुख विराट हनुमान देवता| र्‍हीं बीजम्| 

श्रीं शक्ति:| क्रौ कीलकम्| क्रूं कवचम्| 

क्रै अस्त्राय फ़ट्| इति दिग्बंध्:| 

श्री गरूड उवाच्|| 

अथ ध्यानं प्रवक्ष्यामि| 

श्रुणु सर्वांगसुंदर| यत्कृतं देवदेवेन ध्यानं हनुमत्: प्रियम्||१|| 
पंचकक्त्रं महाभीमं त्रिपंचनयनैर्युतम्| बाहुभिर्दशभिर्युक्तं सर्वकामार्थसिध्दिदम्||२|| 
पूर्वतु वानरं वक्त्रं कोटिसूर्यसमप्रभम्| दंष्ट्राकरालवदनं भ्रुकुटीकुटिलेक्षणम्||३|| 
अस्यैव दक्षिणं वक्त्रं नारसिंहं महाद्भुतम्| अत्युग्रतेजोवपुष्पंभीषणम भयनाशनम्||४|| 
पश्चिमं गारुडं वक्त्रं वक्रतुण्डं महाबलम्| सर्वनागप्रशमनं विषभूतादिकृन्तनम्||५|| 
उत्तरं सौकरं वक्त्रं कृष्णं दिप्तं नभोपमम्| पातालसिंहवेतालज्वररोगादिकृन्तनम्||6|| 
ऊर्ध्वं हयाननं घोरं दानवान्तकरं परम्| येन वक्त्रेण विप्रेन्द्र तारकाख्यमं महासुरम्||७|| 
जघानशरणं तस्यात्सर्वशत्रुहरं परम्| ध्यात्वा पंचमुखं रुद्रं हनुमन्तं दयानिधिम्||८|| 
खड्गं त्रिशुलं खट्वांगं पाशमंकुशपर्वतम्| मुष्टिं कौमोदकीं वृक्षं धारयन्तं कमण्डलुं||९|| 
भिन्दिपालं ज्ञानमुद्रा दशभिर्मुनिपुंगवम्| एतान्यायुधजालानि धारयन्तं भजाम्यहम्||१०|| 
प्रेतासनोपविष्टं तं सर्वाभरण्भुषितम्| दिव्यमाल्याम्बरधरं दिव्यगन्धानु लेपनम सर्वाश्चर्यमयं देवं हनुमद्विश्वतोमुखम्||११|| 
पंचास्यमच्युतमनेकविचित्रवर्णवक्त्रं शशांकशिखरं कपिराजवर्यम्| पीताम्बरादिमुकुटै रूप शोभितांगं पिंगाक्षमाद्यमनिशं मनसा स्मरामि||१२|| 
मर्कतेशं महोत्राहं सर्वशत्रुहरं परम्| शत्रुं संहर मां रक्ष श्री मन्नपदमुध्दर||१३|| 
ओम हरिमर्कट मर्केत मंत्रमिदं परिलिख्यति लिख्यति वामतले| यदि नश्यति नश्यति शत्रुकुलं यदि मुंच्यति मुंच्यति वामलता||१४|| 

ओम हरिमर्कटाय स्वाहा ओम नमो भगवते पंचवदनाय पूर्वकपिमुखाय सकलशत्रुसंहारकाय स्वाहा| 
ओम नमो भगवते पंचवदनाय दक्षिणमुखाय करालवदनाय नरसिंहाय सकलभूतप्रमथनाय स्वाया| 
ओम नमो भगवते पंचवदनाय पश्चिममुखाय गरूडाननाय सकलविषहराय स्वाहा| 
ओम नमो भगवते पंचवदनाय उत्तरमुखाय आदिवराहाय सकलसंपत्कराय स्वाहा| 
ओम नमो भगवते पंचवदनाय उर्ध्वमुखाय हयग्रीवाय सकलजनवशकराय स्वाहा| 

||ओम श्रीपंचमुखहनुमंताय आंजनेयाय नमो नम:||

|| हनुमत तुम्ही हो पालनहार || नहीं मिला है और किसी को सियाराम से ये अधिकार

|| हनुमत तुम्ही हो पालनहार ||

नहीं मिला है और किसी को सियाराम से ये अधिकार |
केवल तुम ही सुन सकते हो दीन-हीन की चीख पुकार ||

इस कलयुग में सिर्फ चलेगा हनुमान तेरा ही सिक्का |
हनुमत तेरे आगे नहीं चलेगा कोई भी इक्का-दुक्का ||

तुम्ही कर सकते हो स्वामी दीन दुखियों का बेडा पार |
क्योकि तुम्हे दिया है सियाराम ने इन कामो का अधिकार ||

कलयुग में उद्धार सभी का होगा पवनपुत्र तेरे ही हाथ |
सियाराम का आशीर्वाद फलेगा जब होगा तुम्हारा साथ ||

इस कलयुग में तुम्ही रहोगे प्रभु के कामो के आधार |
क्योकि तुम्ही ही कर सकते हो प्रभु के भक्तो का उद्धार ||

भली तरह से देखकर ही ‘श्याम’ तेरी शरण में आया |
क्योकि तेरे द्वार से बढ़कर उसे कोई द्वार नहीं भाया ||

बड़ा भरोसा हैं मुझको प्रभु नहीं करोगे तुम इनकार |
क्योकि तुम्ही हो प्रभु हम भक्तो के सबसे बड़े पालनहार ||

Sri Ramchandra Kripalu Bhajuman - श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं |


श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं |
नवकंज लोचन, कंज-मुख, कर-कुंज, पद-कंजारुणं ||

श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं |
कंदर्प अगणित अमित छबि, नवनील-नीरद सुन्दरं |
पट पीत मानहु तडीत रुचि शुचि नौमि जनक सुतावरं ||

श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं |
भजु दीनबंधु दिनेश दानव-दैत्य-वंश-निकंदनं |
रघुनंद आंनदकंद कोशलचंद दशरथ-नंदनं ||

श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं |
सिर मुकुट कूंडल तिलक चारु उदारु अंग विभुषणं |
आजानु भुजा शरा चाप धरा, संग्राम जित खर दुषणं ||
भुजा शरा चाप धरा, संग्राम जित खर दुषणं ||
श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं
इति वदित तुलसीदास शंकर-शेष-मुनि-मन-रंजनं |
मम ह्रदय-कंज-निवास कुरु, कमदि खल दल गंजनं | |

श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं |
नवकंज लोचन, कंज-मुख, कर-कुंज, पद-कंजारुणं ||

ह्रदय बसों बन मेरे स्वामी, लाल लंगोटे वाले

ह्रदय बसों बन मेरे स्वामी, लाल लंगोटे वाले
दया करो अब भगवन मुझपे, बनो मेरे रखवाले.

माना तुमको काम बहुत है पर मैं छोटा भाई,
संकट भारी आया मुझपे तभी गोहार लगाई.

मंत्र विभीषण को देकर लंकेश्वर उन्हें बनाया
थोड़ी कृपा यहाँ भी कर दो, शरण तुम्हारी आया.

गदा उठाकर दुश्मन मारो संकट मेरा टारो
तन मन धन सब अर्पण तुमको नैया मेरी पारो

नवग्रह क्या कर सकते उसका जिसकी रक्षा करते आप
अज्ञानी हूँ पर हूँ तेरा, काटो सारे मेरे पाप.

राम शपथ है तुमको हनुमत बेड़ा पार लगाना है
दया दृष्टि करके तुमको, सब संकट आज मिटाना है.

Ram Ramaiya Gaye Ja - राम रमैया गाए जा राम से लगन लगाए जा ।

राम नाम रटते रहो, जब तक घट में प्राण ।
कभी तो दीन दयाल के भनक पड़ेगी कान ॥
राम रमैया गाए जा राम से लगन लगाए जा ।
राम ही तारे राम उभरे, राम नाम दोहराए जा ॥
सुबह यहाँ तो श्याम वहां है, राम बिना आराम कहाँ है ।
राम रमैया गाये जा, प्रभु से प्रीत लगाए जा ॥
भटकाए जब भूल भुलैया, बीच भावर जब अटके नैया ।
राम रमैया गाये जा, हर उलझन सुलझाए जा ॥
राम नाम बिन जागा सोया, अन्धिआरे में जीवन खोया ।
राम रमैया गाये जा, मन का दीप जलाए जा ॥

Friday, 19 April 2013

Ram Ka Gungaan Kariye - राम का गुणगान करिये, राम का गुणगान करिये।

राम का गुणगान करिये, राम का गुणगान करिये।
राम प्रभु की भद्रता का, सभ्यता का ध्यान धरिये॥

राम के गुण गुणचिरंतन,
राम गुण सुमिरन रतन धन।
मनुजता को कर विभूषित,
मनुज को धनवान करिये, ध्यान धरिये॥

सगुण ब्रह्म स्वरुप सुन्दर,
सुजन रंजन रूप सुखकर।
राम आत्माराम,
आत्माराम का सम्मान करिये, ध्यान धरिये॥

Ram Bhajo Aaram Tajo - राम भजो आराम तजो ।

राम भजो आराम तजो ।

राम ही शक्ति उपासना,
राम ही शान्ति साधना ।
राम ही कार्य प्रेरणा,
राम ही योग और धारणा ।
राम ही लक्ष्य है लक्ष्मण का,
हनुमान जी के प्राण हैं ॥

राम सिया राम बोलो, राम सिया राम ।
जय रधुनन्दन, जय सिया राम ।
जानकी वलभ, राजा राम ।
दशरथ नंदन राजा राम ।
कौशल चन्द्र जय श्री राम ॥

Jai Raghunandan Jai Siyaram - जय रघुनन्दन जय सियाराम |

जय रघुनन्दन जय सियाराम |
हे दुखभंजन तुम्हे प्रणाम ||
 

भ्रात भ्रात को हे परमेश्वर, स्नेह तुन्ही सिखलाते |
नर नारी के प्रेम की ज्योति जग मे तुम्ही जलाते |
ओ नैया के खेवन हारे, जपूं मै तुमरो नाम ||
 

तुम्ही दया के सागर प्रभु जी, तुम्ही पालन हारे |
चैन तुम्ही से पाए बेकल मनवा सांझ सवेरे |
जो भी तुमरी आस लगाये, बने उसी के काम ||

रघुवीर तुम्हारे मन्दिर में मै भजन सुनाने आया हूँ ।

रघुवीर तुम्हारे मन्दिर में मै भजन सुनाने आया हूँ ।
घनश्याम के चरणों में मै दर्शन करने आया हूँ ॥ टेक ॥

अंतरा

भक्ति प्रभु की करता हुं मै गीत प्रभु के गाता हूँ ।
बेडा पार प्रभु से होता है तो मै गुण प्रभु के ही गाता हूँ ॥
राम नाम की महिमा का मै सत्संग सुनाने आया हूँ ॥1॥
रघुवीर तुम्हारे मन्दिर में ...

चाहे राम कहो चाहे श्याम कहो प्रभुजी सबके अवतारी है ।
विनती सुनलो प्रभु तुम मेरी अब आई मेरी बारी है ॥
धुप दीप की थाल सजाकर मै पूजन करने आया हूँ ॥2॥
रघुवीर तुम्हारे मन्दिर में ...

मान पिता की आज्ञा से जब रामजी वनवास गए ।
सेवा करने को सीता लक्ष्मण दोनों उनके साथ गए ॥
चलो अयोध्या वापस भैया मै तुमको लेने आया हूँ ॥3॥
रघुवीर तुम्हारे मन्दिर में ...

विश्वास प्रभु का रखता हूं मै रोज प्रभु को भजता हूँ।
लीन होकर शाम सवेरे मै ध्यान प्रभु का करता हूँ ॥
हुआ अंधेरा इस दुनिया में मै दीप जलाने आया हूँ ॥4॥
रघुवीर तुम्हारे मंदीर में ...

Wednesday, 17 April 2013

Tum apne rang mein rang lo Hey maa durge hey maa durge

Tum apne rang mein rang lo

Hey maa durge hey maa durge
Tum apne rang mein rang lo
Hey maa durge hey maa durge
Hey maa durge hey maa durge
Tum apne rang mein rang lo
Hey maa durge hey maa durge

Jo durachari the maa unka
Vadh tune kiya maa sada hai
Astra shastro se hai tu sishobhit
Maa tu hi to bal prada hai
Tere hi charno meinin hai teeno loko ka sangam
Teri bhakti hi stya hai sab mithya hai
sab mithya hai

Tum apne rang mein rang lo - 2
Hey maa durge hey maa durge
Hey maa durge hey maa durge
Tum apne rang mein rang lo - 2

Maa tere dam se hai ye jeevan
Shukh ka aadhaar sabka hi tu hai
Is dharati se us ambar tak
Jo bhee shringar hai wo bhi tu hai
Rang rangeele rango se maa rang de jeevan sabka
Manav hi teri sabse uttam rachna
Uttam rachna

Tum apne rang mein rang lo - 2
Hey maa durge hey maa durge
Hey maa durge hey maa durge
Tum apne rang mein rang lo
Hey maa durge hey maa durge

Aaja maa ghar mere aaja maa ghar mere


Maan le mera kehna maiya wari jau tere
Aaja maa ghar mere aaja maa ghar mere

Maan le mera kehna maiya - 2
Wari jau tere aaja maa ghar mere
Aaja maa ghar mere

Tera pujari mera sara parivar maa
Tere shub charno se humko bada pyar maa
Tere dularo ko hai tera intzaar maa
Aaja ek baar maa hoga bada upkar maa

Jot mere ghar me jalti hai teri shaam sabere
Aaja maa ghar mere aaja maa ghar mere
Maan le mera kehna maiya wari jau tere
Aaja maa ghar mere aaja maa ghar mere

Hatho mein teri mehandi pyar se rachayenge
Foolo se tera darbaar maa sajayenge
Chandan ki chauki pe tujhe ham bithayenge
Saari saari rat maiya bhete sunayenge

Sanso ki ektara maiya tere naam ki mala fere
Aaja maa ghar mere aaja maa ghar mere
Maan le mera kehna maiya wari jau tere
Aaja maa ghar mere aaja maa ghar mere

Tu hai vishvaas maiya tu hi meri astha
Der naa lagana tujhe mamata ka wasta
Teri gufa se meri kutiya ka rasta
Lamba nahi hai daati tujhako bhi hai pata
Ek jhalak dekhu teri to man ke mite andhere

Aaja maa ghar mere aaja maa ghar mere
Maan le mera kehna maiya wari jau tere
Aaja maa ghar mere aaja maa ghar mere

Durgey durghat bhari tujvin sansari - Jai devi jai devi

Durgey durghat bhari tujvin sansari
Anath nathe ambey karuna vistari
Vari vari janma maranaache vari
Haari padalo aata sankat nivari

Jai devi jai devi

Jai devi jai devi mahishasur mardini
Survar ishwar warde tarak sanjivani

Jai devi jai devi

Tribhuvan bhuvani pahata tujh aisi nahi
Chari shramale parantu na bolave kahi
Saahi vivad karita padile pravahi
Te tu bhakta lage paavasi lavlahi

Jai devi jai devi

Jai devi jai devi mahishasur mardini
Survar ishwar warde taarak sanjivani

Jai devi jai devi

Prasan vadane prasan hosi nijdasa
Klesha paasuni sodi todi bhavapasha
Ambey tuj vachun koun purvil aasha
Narhar taallin zala pad pankajalesha

Jai devi jai devi

Jai devi jai devi mahishasur mardini
Survar ishwar warde taarak sanjivani

Jai devi jai devi

Maa ki har baat niraali hai


Paas ki sunati hai door ki sunati hai
Gumnam ke sang sang mashhoor ki sunati hai
Maa to maa hai maa ke bhakton
Maa to har majboor ki sunti hai

Paas ki sunati hai door ki sunati hai

Gumnam ke sang sang mashhoor ki sunati hai
Maa to maa hai maa ke bhakton
Maa to har majboor ki sunti hai

Maa ki har baat niraali hai
Baat nirali hai ki maa ki har karamat nirali hai
Mahadaati se har kisi ko mili saugat nirali hai
Maa ki har baat niraali hai - 2

Wakt ke chaal badle dukh ke janjal badle
Isake charno mein jhukkar bade kangal badle
Yaha jo aaye swali kabhi wo jaye na khaali
Ye laati patjhad mein bhi har chaman mein hariyali
Hooo kaali raton mein laati prabhat nirali hai

Maa ki har baat niraali hai - 2

Daya jab isaki hoti to kankar bante moti
Jise ye aap jaga de na fir kismet wo soti
Gamon se ghirane waale bade iss maa ne sambhale
Fase majhdhar mein bede isi ne baahar nikale
Hooo iski meethi mamata ki barsaat nirali hai

Maa ki har baat niraali hai - 2

Dukh katati hai ye sukh batati hai
Hamein palti hai ye din raat hi
Jadoo iska ajeeb dekho hoke kareeb
Ye to badle naseeb din raat hi
Hoooo isaki rahamt har nirdosh ke saath nirali hai

Maa ki har baat niraali hai - 2
Baat nirali hai ki maa ki har karamat nirali hai
Mahadaati se har kisi ko mili saugat nirali hai
Maa ki har baat niraali hai - 4

Tuesday, 16 April 2013

Mann Ki Aankhon Se Main Dekhoon Roop Sada SiyaRama Ka - मन की आखों से मै देखूँ रूप सदा सियाराम का



दोहा : किस काम के यह हीरे मोती, जिस मे ना दिखे मेरे राम |
राम नहीं तो मेरे लिए है व्यर्थ स्वर्ग का धाम ||

मन की आखों से मै देखूँ रूप सदा सियाराम का |
कभी ना सूना ना रहता आसन मेरे मन के धाम का ||

राम चरण की धुल मिले तो तर जाये संसारी |
दो अक्षर के सुमिरन से ही दूर हो विपता सारी ||
धरती अम्बर गुण गाते है मेरे राम के नाम का ||

हर काया मे राम की छाया, मूरख समझ ना पाया |
मन्दिर, पत्थर मे क्यों ढूंढे, तेरे मन मे समाया ||
जिस मे मेरे राम नहीं है, वो मेरे किस काम का ||

दुखियो का दुःख हरने वाले भक्त की लाज बचाओ |
हंसी उड़ाने वालो को प्रभु चमत्कार दिखलाओ ||
मेरे मन के मन्दिर मे है मेरे प्रभु का धाम |
मेरे अंतर के आसन पर सदा विराजे राम ||

Maa Murade Puri Karde Halwa Batungi - माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी।


माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी।
ज्योत जगा के, सर को झुका के,
मैं मनाऊंगी, दर पे आउंगी, मनाऊंगी, मैं आउंगी॥

संतो महंतो को बुला के घर में कराऊं जगराता।
सुनती है सब की फ़रिआदे, मेरी भी सुन लेगी माता।
झोली भरेगी, संकट हरेगी, भेटा गाऊँगी,
मैं मनाऊंगी, भेटें गाऊँगी, मनाऊंगी, मैं आउंगी॥

दिल से सुनो शेरा वाली माँ, खड़ी मैं बन के सवाली।
झोली भरो मेरी रानी वाली माँ, गोदी है लाल से खाली।
कृपा करो, गोदी भरो, मैं दर पे आउंगी, मैं भेटें गाऊँगी,
मैं आउंगी, मैं गाऊँगी, मैं आउंगी॥

भवन तेरा है सब से ऊँचा माँ, और गुफा तेरी नयारी।
भाग्य विदाता ज्योता वाली माँ, कहती है दुनिया सारी।
दाति तुम्हारा, ले के सहारा, मैं दर पे आउंगी, मैं भेटे गाऊँगी,
मैं आउंगी, मैं गाऊँगी, मैं आउंगी॥

कृपा करो वरदानी माँ, छाया है गम का अँधेरा।
तेरे बिना मेरा कोई ना, मुझ को भरोसा है तेरा।
दाति तुम्हारा, ले के सहारा, दर पे आउंगी, मैं भेटे गाऊँगी,
मैं आउंगी, मैं गाऊँगी, मैं आउंगी॥

Monday, 15 April 2013

शेर पे सवार होक आजा शेरा वालिये - Sher Pe Sawaar Hoke Aaja Sherawaaliye



शेर पे सवार होक आजा शेरा वालिये
शेरा वालिये माँ ज्योता वालिये

ज्योति माँ जगा के तेरी आस यह लगाई है
जिन का ना कोई उनकी तुही सहाई है
रौशनी अंधेरो में दिखा जा शेरो वालिये
शेर पे सवार होक आजा शेरा वालिये
शेरा वालिये माँ ज्योता वालिये

राखिओ माँ लाज इन अखियो के तारों की
डूबने ना पाए नैया हम बेसहारो की
नैया को किनारे पे लगा जा शेरा वालिये
शेर पे सवार होके आजा शेरा वालिये
शेरा वालिये माँ लाटां वालिये

सच्चे दिल से धयाणु जी ने जब था बुलाया माँ
कटा हुआ शीश तूने घोड़े का लगाया माँ
भगतों की आन को बचा जा शेरा वालिये
शेर पे सवार होके आजा शेरा वालिये
शेरा वालिये माँ ज्योता वालिये

Sunday, 14 April 2013

De De Thoda Pyar Maiya Tera Kya Ghat Jayega - देदे थोडा प्यार मैया तेरा क्या घट जाएगा।


देदे थोडा प्यार मैया तेरा क्या घट जाएगा।
देदे थोडा प्यार मैया तेरा क्या घट जाएगा,
यह बालक भी तर जाएगा, देदे थोडा प्यार...

दे दिया तुमने सबको सहारा माँ, जो द्वारे आया है,
भर दिया दामन उस का ख़ुशी से माँ, जो अर्जी लाया है,
मुझ को देने से खजाना कम नहीं हो जाएगा।
यह बालक भी तर जाएगा, देदे थोडा प्यार...

है पुराना माँ रिश्ता हमारा जो, उसे तुम याद करो,
करदे कृपा ओ माँ, बालक तुम्हारा हूँ, मेरे सर पे हाथ धरो,
प्यार का रिश्ता हमारा टूटने ना पाएगा।
यह बालक भी तर जाएगा, देदे थोडा प्यार...

जान मेरी यह माँ, तेरे हवाले है, इसे अब पार करो,
गर दे दिया तुने इसको किनारा ना, तो यह विशवास करो, माँ,
यह तेरा दरबार जय जयकारों से गुन्जाएगा।
यह बालक भी तर जाएगा, देदे थोडा प्यार...

मैया जी के चरणों मे ठिकाना चाहिए | बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए ||



मैया जी के चरणों मे ठिकाना चाहिए |
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए ||

सुन लो ऐ माँ के प्यारो, तुम प्रेम से पुकारो |
आएगी शेरा वाली, जगदम्बे मेहरावाली ||
वो देर ना करेगी, झोली सदा भरेगी |
पूरी करेगी आशा, मिट जायेगी निराशा ||
बिगड़े कर्म सवारे, भव से वो सब को तारे |
श्रद्धा और प्रेम से ध्याना चाहिए,
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए ||

तिरलोक चंद राजा, था भक्त वो भी माँ का |
जो बंदगी बिछायी संग खेले महामाई ||
देखा जो बूंद पानी, कहने लगा भवानी |
पानी कहाँ से आया, कैसी रचाई माया ||
कैसा यह माजरा है, मेरा तो दिल डरा है ||
माँ इसका राज़ खोलो, अब कुछ तो मुह से बोलो |
कहने लगी भवानी, ऐ मूल अज्ञानी ||
मुझ को ना आजमाओ, पानी को भूल जाओ |
जिद्द ना करो ऐ राजा, कुछ तो डरो ऐ राजा ||
बोला वो अभिमानी, मैंने भी मन मे ठानी |
के राज़ जान लूँगा, हर बात मान लूँगा ||
तब मैया बोली, राजा ना भूल जाना वादा |
सच सच तो मै कहूँगी, फिर पास ना रहूंगी ||
सागर मे डोले नैया, मेरा भक्त बोले मैया |
हर दम तुझे ध्याऊं, फिर भी मै डूब जाऊं ||
कश्ती बचाओ माता, श्रद्धा दिखाओ माता |
मै उसकी भी तो माँ थी, यहाँ भी थी वहां भी ||
चंचल सूना कहानी, गायब हुई भवानी |
पचता रहा था राजा, चिल्ला रहा था राजा ||
शक्ति को ना कभी आजमाना चाहिए |
बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए ||

Le Le Maa Vadhaayian - लै लै माँ वधाईआं, लै लै माँ वधाईआं |



लै लै माँ वधाईआं, लै लै माँ वधाईआं |
तेरे बच्चेयां खुशीआं मनाईयाँ, लै लै माँ वधाईआं ||

करमा वाला दिन एह आया, आज मैया तू आप बुलाया |
सुत्ते साडे भागे ने जागे, बच्चेयां बह तेरे चरनी लगे |
अज खूब रौनका लाईया , लै लै माँ वधाईआं ||

ऐ जो खुशीआं आसे पासे, सुख़ जो वरदा चारे पासे |
असा एहदे विच कुछ ना कीता, सब कुछ मईया तेरा दित्ता |
तेरीआं ने वढआईआं, लै लै माँ वधाईआं ||

कितीआ जिन्ना वी अर्जोईआ, सब दिया सुखना पूरीयाँ होइयां |
जिन्ना वी दुखसुख तेरे नाल फोले, तू तकदीर दे दर खोले |
रज रज खैराँ पाईयाँ, लै लै माँ वधाईआं ||

हिर्दय तेरी जोत जगा के, पारस चरना नू हाथ ला के |
कष्ट रोग सब हर गए माये, जो आये ओ तर गए माये |
नच नच भेटा गायींआ , लै लै माँ वधाईआं ||

Tera Naam Hai Bada Sansar Mein - तेरा नाम है बड़ा संसार में |

माँ शेरों वाली, यह भक्तों ने माना, है सब का ठिकाना, माँ तेरे दरबार में,
तेरा नाम है बड़ा संसार में |

मन मे बसा के मैया मूरत तुम्हारी, भक्त जयकारे गाते हैं |
ऊँची नीची मैया राहों से चल के , तेरे द्वारे आतें हैं |
शरण मे जो माँ आये तेरी, ममता मांगे तेरी ||
जोता वाली, तू करती रखवाली, जो आता है दरबार मे,
तेरा नाम है बड़ा संसार में ||

तीनो लोको मे मैया नाम है तुम्हारा, सब तेरा गुणगान करे |
निस दिन तुमको शीश नवा के पूजा सुबहो श्याम करे |
तेरे गूंजे जयकारे, तुम को भक्त पुकारे ||
शेरों वाली, तू रुक नहीं पाती, माँ दोडी चली आती, भक्तो की पुकार मे ||
तेरा नाम है बड़ा संसार में ||

मैया मै तरसा दया को तुम्हारी, तूं तो करुना बरसाए |
तू जगजननी माँ जगदम्बे, तू ममता मई कहलाये |
भूल को मैया मेरी भुलाना, मेरी बिगड़ी बनाना ||
अम्बे रानी, माँ तू है मेहरां वाली, यह मेरी नैया रुकी, आके मझदार मे |
तेरा नाम है बड़ा संसार में ||

Maiya Jag Data Di Keh Ke Jai Mata Di Tureaa Jaavi Dekhi Painde To Na Ghabravi - मैया जग दाता दी, कह के जय माता दी, तुरिया जावीं देखी पैंडै तो ना घबरावीं।



मैया जग दाता दी, कह के जय माता दी,
तुरिया जावीं देखी पैंडै तो ना घबरावीं।

पहला दिल अपना साफ बनाले, फिर मैया नू अरज सूना लै।
मेरी शक्ति वदा, मैनू चरना ना ला, कहंदा जावीं, देखी पैंडै तो ना घबरावीं॥

औखी घाटी ते पैंडा अवल्डा, ओहदी श्रद्धा दा फड लै तू पलड़ा।
साथी रल जाणगे, दुखड़े टल जानगे, भेतां गावीं, देखी पैंडै तो ना घबरावीं॥

तेरा हीरा जनम अनमोला, मिलना मुड मुड़ ना मानुष दा चोला।
धोखा ना खा लवीं, दाग ना ला लवीं, बचदा जावीं, देखी पैंडै तो ना घबरावीं॥

पहला दर्शन है कौल कण्डोली, दूजी देवां ने भर ली है झोली।
आध्कवारी नू जगत महतारी नू सर झुकावीं, देखी पैंडै तो ना घबरावीं॥

ओहदे नाम दा लै के सहारा, लंग जावेंगा पर्वत सारा।
देखी सुन्दर गुफा, ‘चमन’ जय जय बुला, दर्शन पावीं, देखी पैंडै तो ना घबरावीं॥

Saturday, 13 April 2013

Jaikara Sherawali Da – Bolo Sanche Darbaar ki Jai!



Jaikara Sherawali Da – Bolo Sanche Darbaar ki Jai!
Jaikara Sherawali Da – Bolo Sanche Darbaar ki Jai!

Jaikara Mehrawali Ka – Bolo Sanche Darbaar ki Jai!
Jaikara Mehrawali Ka – Bolo Sanche Darbaar ki Jai!

Jaikara Jyotawali Ka – Bolo Sanche Darbaar ki Jai!
Jaikara Jyotawali Ka – Bolo Sanche Darbaar ki Jai!

Jaikara Pahadawali Ka – Bolo Sanche Darbaar ki Jai!
Jaikara Pahadawali Ka – Bolo Sanche Darbaar ki Jai!

Jai Kara Vaishno Rani Ka – Bolo Sanche Darbaar ki Jai!
Jai Kara Vaishno Rani Ka – Bolo Sanche Darbaar ki Jai!

Sachchi Jyotawali Mata Teri Sada Hi Vijay
Teri Sada Hi vijay
Teri Sada Hi Vijay

Jai Mata Di
Jai Mata Di

Jai Mata Di
Jai Mata Di

Jai Mata Di
Jai Mata Di

Jai Mata Di
Jai Mata Di

Jai Mata Di
Jai Mata Di

Jai Mata Di
Jai Mata Di

Jai Mata Di
Jai Mata Di

Jai Mata Di
Jai Mata Di

Jai Mata Di
Jai Mata Di

Jai Mata Di
Jai Mata Di

Prem Se Bolo Jai Mata Di
Saare Bolo Jai Mata Di
Bhakto Bolo Jai Mata Di
Mil Ke Bolo Jai Mata Di
Jor Se Bolo Jai Mata Di
Jor Se Bolo Jai Mata Di

Aate Bolo Jai Mata Di
Jaate Bolo Jai Mata Di

Jai Mata Di
Jai Mata Di

Jai Mata Di
Jai Mata Di

Maa Ambe Raani
Jai Mata Di

Maa Vaishno Raani
Jai Mata Di

Maa Mansha Devi
Jai Mata Di

Maa Naina Devi
Jai Mata Di

Maa Jyola Maiya
Jai Mata Di

Chamunda Maiya
Jai Mata Di

Maa Chintapurni
Jai Mata Di

Maa Sankat harni
Jai Mata Di

Maa Mangal Karni
Jai Mata Di

Maa Deke Darshan
Jai Mata Di

Maa Kast Niwaare
Jai Mata Di

Meri Maa Paar Utaare
Jai Mata Di

Meri Sharad Maiya
Jai Mata Di

Meri Laxmi Maiya
Jai Mata Di

Meri Kaali Maiya
Jai Mata Di

Durge Kalyaani
Jai Mata Di

Meri Maat Bhawani
Jai Mata Di

Jai Mata Di
Jai Mata Di

Jai Mata Di
Jai Mata Di

Jai Mata Di
Jai Mata Di

Jai Mata Di
Jai Mata Di

Jai Mata Di
Jai Mata Di

श्री दुर्गा चालीसा - नमो नमो दुर्गे सुख करनी । नमो नमो अम्बे दुख हरनी ॥



श्री दुर्गा चालीसा

नमो नमो दुर्गे सुख करनी । नमो नमो अम्बे दुख हरनी ॥

निराकार है ज्योति तुम्हारी । तिहुँ लोक फैली उजियारी ॥
शशि ललाट मुख महा विशाला । नेत्र लाल भृकुटी विकराला ॥

रुप मातु को अधिक सुहावे । दरश करत जन अति सुख पावे ॥
तुम संसार शक्ति लय कीना । पालन हेतु अन्न धन दीना ॥

अन्नपूरना हुई जग पाला । तुम ही आदि सुन्दरी बाला ॥
प्रलय काल सब नाशन हारी । तुम गौरी शिव शंकर प्यारी ॥

शिव योगी तुम्हरे गुण गावैं । ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावैं ॥
रुप सरस्वती को तुम धारा । दे सुबुद्धि ॠषि मुनिन उबारा ॥

धरा रुप नरसिंह को अम्बा । परगत भई फाड़ कर खम्बा ॥
रक्षा करि प्रहलाद बचायो । हिरणाकुश को स्वर्ग पठायो ॥

लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं । श्री नारायण अंग समाहीं ॥
क्षीरसिंधु में करत विलासा । दयासिंधु दीजै मन आसा ॥

हिंगलाज में तुम्हीं भवानी । महिमा अमित न जात बखानी ॥
मातंगी धूमावती माता । भुवनेश्वरि बगला सुख दाता ॥

श्री भैरव तारा जग तारिणी । क्षिन्न लाल भवदुख निवारिणी ॥
केहरि वाहन सोहे भवानी ।लांगुर वीर चलत अगवानी ।।

कर में खप्पर खड़ग विराजै । जाको देख काल डर भाजै ॥
सोहे अस्त्र और त्रिसूला । जाते उठत शत्रु हिय शूला ॥

नगरकोट में तुम्हीं विराजत । तिहुँ लोक में डंका बाजत ॥
शुम्भ निशुम्भ दानव तुम मारे । रक्तबीज शंखन संहारे ॥

महिषासुर नृप अति अभिमानी । जेहि अघ भार मही अकुलानी ॥
रुप कराल काली को धारा । सेन सहित तुम तिहि संहारा ॥

परी गाढ़ सन्तन पर जब जब । भई सहाय मातु तुम तब तब ॥
अमर पुरी औरों सब लोका । तब महिमा सब रहे अशोका ॥

ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी । तुम्हें सदा पूजैं नर नारी ॥
प्रेम भक्ति से जो जस गावै । दुःख दारिद्र निकट नहीं आवै ॥

ध्यावें तुम्हें जो नर मन लाई । जन्म मरण ताको छुट जाई ॥
जोगी सुर मुनि कहत पुकारी । योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी ॥

शंकर आचारज तप कीनों । काम क्रोध जीति सब लीनों ॥
निशि दिन ध्यान धरो शंकर को । काहु काल नहिं सुमिरो तुमको ॥

शक्ति रुप को मरम न पायो । शक्ति गई तब मन पछतायो ॥
शरणागत हुई कीर्ति बखानी । जै जै जै जगदम्ब भवानी ॥

भई प्रसन्न आदि जगदम्बा । दई शक्ति नहिं कीन विलम्बा ॥
मोको मात कष्ट अति घेरो । तुम बिन कौन हरे दुःख मेरो ॥

आशा तृष्णा निपट सतावै । रिपु मूरख मोहि अति डर पावै ॥
शत्रु नाश कीजै महारानी । सुमिरौ इकचित तुम्हें भवानी ॥

करो कृपा हे मातु दयाला । ॠद्धि सिद्धि दे करहु निहाला ॥
जब लगि जियौं दया फल पाऊँ । तुम्हरो जस मैं सदा सुनाऊँ ॥

दुर्गा चालीसा जो कोई गावै । सब सुख भोग परम पद पावै ॥
देवीदास शरण निज जानी । करहु कृपार जगदम्बा भवानी ॥

Shri Durga Chalisa - Namo Namo Durge Sukh karani, Namo Namo ambe Dukh harani.



Shri Durga Chalisa

Namo Namo Durge Sukh karani,
Namo Namo ambe Dukh harani. 1

Nirakar hai jyoti tumhari,
Tihun lok pheli ujayari. 2

Shashi lalat mukh mahavishala,
Netra lal bhrikutee vikarala. 3

Roop Matu ko adhika suhave,
Daras karat jan ati sukh pave. 4

Tum sansar shakti laya kina,
Palan hetu anna dhan dina. 5

Annapurna hui jag pala,
Tumhi adi sundari Bala. 6

Pralaya kala sab nashan hari,
Tum gauri Shiv-Shankar pyari. 7

Shiv yogi tumhre guna gaven,
Brahma Vishnu tumhen nit dhyaven. 8

Roop Saraswati ko tum dhara,
De subuddhi rishi munina ubara. 9

Dharyo roop Narsimha ko amba,
Pragat bhayin phar kar khamba. 10

Raksha kari Prahlaad bachayo,
Hiranakush ko swarga pathayo. 11

Lakshmi roop dharo jag mahin,
Shree Narayan anga samihahin. 12

Ksheer sindhu men karat vilasa,
Daya Sindhu, deeje man asa. 13

Hingalaja men tumhin Bhavani,
Mahima amit na jet bakhani. 14

Matangi Dhoomavati Mata,
Bhuvneshwari bagala sukhdata. 15

Shree Bhairav lara jog tarani,
Chhinna Bhala bhav dukh nivarani. 16

Kehari Vahan soh Bhavani,
Langur Veer Chalat agavani. 17

Kar men khappar khadag viraje,
Jako dekh kal dan bhaje. 18

Sohe astra aur trishoola,
Jase uthata shatru hiya shoola. 19

Nagarkot men tumhi virajat,
Tihun lok men danka bajat. 20

Shumbhu Nishumbhu Danuja tum mare,
Rakta-beeja shankhan samhare. 21

Mahishasur nripa ati abhimani,
Jehi agha bhar mahi akulani. 22

Roop karal Kalika dhara,
Sen Sahita tum tin samhara. 23

Pan garha Santon par jab jab,
Bhayi sahaya Matu tum tab tab. 24

Amarpuni aru basava loka,
Tava Mahirna sab rahen asoka. 25

Jwala men hai jyoti tumhari,
Tumhen sada poojen nar nari. 26

Prem bhakti se Jo yash gave,
Dukh-daridra nikat nahin ave. 27

Dhyave tumhen jo nar man laee,
Janam-maran tako chuti jaee. 28

Jogi sur-muni kahat pukari,
Jog na ho bin shakti tumhari. 29

Shankar Aacharaj tap keenhon,
Kam, krodha jeet sab leenhon. 30

Nisidin dhyan dharo Shankar ko,
Kahu kal nahini sumiro tum ko. 31

Shakti roop ko maran na payo,
Shakti gayi tab man pachitayo. 32

Sharnagat hui keerti bakhani,
Jai jai jai Jagdamb Bhavani. 33

Bhayi prasanna Aadi Jagdamba,
Dayi shakti nahin keen vilamba. 34

Mokon Matu kashta ati ghero,
Tum bin kaun hare dukh mero. 35

Aasha trishna nipat sataven,
Moh madadik sab binsaven. 36

Shatru nash keeje Maharani,
Sumiron ekachita tumhen Bhavani. 37

Karo kripa Hey Matu dayala,
Riddhi-Siddhi de karahu nihala. 38

Jab lagi jiyoon daya phal paoon,
Tumhro yash men sada sunaoon. 39

Durga Chalisa jo gave,
Sab sukh bhog parampad pave. 40