Wednesday, 27 March 2013

ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा तुम्हे श्रधा नमन हमारा ।

ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा तुम्हे श्रधा नमन हमारा । 
ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा तुम्हे श्रधा नमन हमारा । 

धरती पर रहकर प्रभु तुमने, तन अंबर तक विस्तारा । 
ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा तुम्हे श्रधा नमन हमारा ॥

साई राम साई श्याम, दुःख भंजन तेरौ नाम ।
हे साई नाथ तेरे आने से हुआ, धन्य ये धरती धाम।
ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा तुम्हे श्रधा नमन हमारा
धरती पर रहकर प्रभु तुमने तन अंबर तक विस्तारा
ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा तुम्हे श्रधा नमन हमारा

ईश्वरीय आलोक लिए, प्रभु मानव रूप धरे हो । 
चमत्कार ही चमत्कार से, तुम संपूर्ण भरे हो । 
चमत्कार ही चमत्कार से, तुम संपूर्ण भरे हो ।
सौभाग्य जुड़े तब दशॅऩ का सौभाग्य मीले सुखकारा ॥
ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा, तुम्हे श्रधा नमन हमारा ।
धरती पर रहकर प्रभु तुमने तन अंबर तक विस्तारा ।
ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा तुम्हे श्रधा नमन हमारा ।

हम तो तुमसे जुड़कर बेठे, नाते दुनिया वाले ।
रूप विराट दिखाकर तुमने मन अचरज मै ड़ाले ।
साईं नाथ हमे फिर लोटा दो, वही सहज रूप मनहारा ॥
ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा तुम्हे श्रधा नमन हमारा ।
धरती पर रहकर प्रभु तुमने तन अंबर तक विस्तारा ।
ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा तुम्हे श्रधा नमन हमारा ।

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