Friday, 29 March 2013

जसोदा तेरा लल्ला कितना सलोना

जसोदा तेरा लल्ला कितना सलोना,
पालने में झूलता चंदा सा खिलौना.

कान्हा को बाँहों का झूला झुलाएंगे,
मीठी मीठी लोरी सुनाकर सुलायेंगें,
ममता की बरखा से उसको भिगोना.
जसोदा तेरा लल्ला कितना सलोना

ले गोद कान्हा को गोकुल घुमाएंगे,
गैय्या दिखाएंगें उपवन घुमायेंगें,
मखमल सा कोमल ये गोकुल का छौना है.
जसोदा तेरा लल्ला कितना सलोना

कहते हैं सब ये जग का खिवैय्या है ,
हमारे लिए तो बस ये कन्हैय्या है ,
ये ही हमारा रत्न-धन-सोना है .
जसोदा तेरा लल्ला कितना सलोना

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