Saturday, 30 March 2013

राम से बड़ा राम का नाम...

राम से बड़ा राम का नाम,
अंत में निकला ये परिणाम ये परिणाम ।

सिमरिये नाम रूप बिनु देखे,
कौड़ी लगे ना दाम।
नाम के बांधे खिंचे आयेंगे,
आखिर एक दिन राम।
राम से बड़ा राम का नाम...

जिस सागर को बिना सेतु के ,
लांघ सके ना राम।
कूद गये हनुमान उसी को,
लेकर राम का नाम।
राम से बड़ा राम का नाम...

वो दिलवाले डूब जायेंगे और वो दिलवाले क्या पायेंगे ,
जिनमें नहीं है नाम।
वो पत्थर भी तैरेंगे जिन पर
लिखा हुआ श्री राम।
राम से बड़ा राम का नाम...

*•๑۞: जय श्री राम जी :۞๑•

राम रमैया गाये जा, मन का दीप जलाए जा ॥

राम नाम रटते रहो, जब तक घट में प्राण ।
कभी तो दीन दयाल के भनक पड़ेगी कान ॥

राम रमैया गाए जा राम से लगन लगाए जा ।
राम ही तारे राम उभरे, राम नाम दोहराए जा ॥

सुबह यहाँ तो श्याम वहां है, राम बिना आराम कहाँ है ।
राम रमैया गाये जा, प्रभु से प्रीत लगाए जा ॥

भटकाए जब भूल भुलैया, बीच भावर जब अटके नैया ।
राम रमैया गाये जा, हर उलझन सुलझाए जा ॥

राम नाम बिन जागा सोया, अन्धिआरे में जीवन खोया ।
राम रमैया गाये जा, मन का दीप जलाए जा ॥

***संकट मोचन हनुमान् स्तोत्रम्***

***संकट मोचन हनुमान् स्तोत्रम्***

काहे विलम्ब करो अंजनी-सुत ।
संकट बेगि में होहु सहाई ।।

नहिं जप जोग न ध्यान करो ।
तुम्हरे पद पंकज में सिर नाई ।।

खेलत खात अचेत फिरौं ।
ममता-मद-लोभ रहे तन छाई ।।

हेरत पन्थ रहो निसि वासर ।
कारण कौन विलम्बु लगाई ।।

काहे विलम्ब करो अंजनी सुत ।
संकट बेगि में होहु सहाई ।।

जो अब आरत होई पुकारत ।
राखि लेहु यम फांस बचाई ।।

रावण गर्वहने दश मस्तक ।
घेरि लंगूर की कोट बनाई ।।

निशिचर मारि विध्वंस कियो ।
घृत लाइ लंगूर ने लंक जराई ।।

जाइ पाताल हने अहिरावण ।
देविहिं टारि पाताल पठाई ।।

वै भुज काह भये हनुमन्त ।
लियो जिहि ते सब संत बचाई ।।

औगुन मोर क्षमा करु साहेब ।
जानिपरी भुज की प्रभुताई ।।

भवन आधार बिना घृत दीपक ।
टूटी पर यम त्रास दिखाई ।।

काहि पुकार करो यही औसर ।
भूलि गई जिय की चतुराई ।।

गाढ़ परे सुख देत तु हीं प्रभु ।
रोषित देखि के जात डेराई ।।

छाड़े हैं माता पिता परिवार ।
पराई गही शरणागत आई ।।

जन्म अकारथ जात चले ।
अनुमान बिना नहीं कोउ सहाई ।।

मझधारहिं मम बेड़ी अड़ी ।
भवसागर पार लगाओ गोसाईं ।।

पूज कोऊ कृत काशी गयो ।
मह कोऊ रहे सुर ध्यान लगाई ।।

जानत शेष महेष गणेश ।
सुदेश सदा तुम्हरे गुण गाई ।।

और अवलम्ब न आस छुटै ।
सब त्रास छुटे हरि भक्ति दृढाई ।।

संतन के दुःख देखि सहैं नहिं ।
जान परि बड़ी वार लगाई ।।

एक अचम्भी लखो हिय में ।
कछु कौतुक देखि रहो नहिं जाई ।।

कहुं ताल मृदंग बजावत गावत ।
जात महा दुःख बेगि नसाई ।।

मूरति एक अनूप सुहावन ।
का वरणों वह सुन्दरताई ।।

कुंचित केश कपोल विराजत ।
कौन कली विच भऔंर लुभाई ।।

गरजै घनघोर घमण्ड घटा ।
बरसै जल अमृत देखि सुहाई ।।

केतिक क्रूर बसे नभ सूरज ।
सूरसती रहे ध्यान लगाई ।।

भूपन भौन विचित्र सोहावन ।
गैर बिना वर बेनु बजाई ।।

किंकिन शब्द सुनै जग मोहित ।
हीरा जड़े बहु झालर लाई ।।

संतन के दुःख देखि सको नहिं ।
जान परि बड़ी बार लगाई ।।

संत समाज सबै जपते सुर ।
लोक चले प्रभु के गुण गाई ।।

केतिक क्रूर बसे जग में ।
भगवन्त बिना नहिं कोऊ सहाई ।।

नहिं कछु वेद पढ़ो, नहीं ध्यान धरो ।
बनमाहिं इकन्तहि जाई ।।

केवल कृष्ण भज्यो अभिअंतर ।
धन्य गुरु जिन पन्थ दिखाई ।।

स्वारथ जन्म भये तिनके ।
जिन्ह को हनुमन्त लियो अपनाई ।।

का वरणों करनी तरनी जल ।
मध्य पड़ी धरि पाल लगाई ।।

जाहि जपै भव फन्द कटैं ।
अब पन्थ सोई तुम देहु दिखाई ।।

हेरि हिये मन में गुनिये मन ।
जात चले अनुमान बड़ाई ।।

यह जीवन जन्म है थोड़े दिना ।
मोहिं का करि है यम त्रास दिखाई ।।

काहि कहै कोऊ व्यवहार करै ।
छल-छिद्र में जन्म गवाईं ।।

रे मन चोर तू सत्य कहा अब ।
का करि हैं यम त्रास दिखाई ।।

जीव दया करु साधु की संगत ।
लेहि अमर पद लोक बड़ाई ।।

रहा न औसर जात चले ।
भजिले भगवन्त धनुर्धर राई ।।

काहे विलम्ब करो अंजनी-सुत ।
संकट बेगि में होहु सहाई ।।

Friday, 29 March 2013

स्वीकारो मेरे परनाम, प्रभु, स्वीकारो मेरे परनाम...

सुख-वरण प्रभु, नारायण, हे, दु:ख-हरण प्रभु, नारायण, हे,
तिरलोकपति, दाता, सुखधाम, स्वीकारो मेरे परनाम,
प्रभु, स्वीकारो मेरे परनाम...

मन वाणी में वो शक्ति कहाँ, जो महिमा तुम्हरी गान करें,
अगम अगोचर अविकारी, निर्लेप हो, हर शक्ति से परे,
हम और तो कुछ भी जाने ना, केवल गाते हैं पावन नाम ,
स्वीकारो मेरे परनाम, प्रभु, स्वीकारो मेरे परनाम...

आदि मध्य और अन्त तुम्ही, और तुम ही आत्म अधारे हो,
भगतों के तुम प्राण, प्रभु, इस जीवन के रखवारे हो,
तुम में जीवें, जनमें तुम में, और अन्त करें तुम में विश्राम,
स्वीकारो मेरे परनाम, प्रभु, स्वीकारो मेरे परनाम...

चरन कमल का ध्यान धरूँ, और प्राण करें सुमिरन तेरा,
दीनाश्रय, दीनानाथ, प्रभु, भव बंधन काटो हरि मेरा,
शरणागत के (घन)श्याम हरि, हे नाथ, मुझे तुम लेना थाम,
स्वीकारो मेरे परनाम, प्रभु, स्वीकारो मेरे परनाम...

जसोदा तेरा लल्ला कितना सलोना

जसोदा तेरा लल्ला कितना सलोना,
पालने में झूलता चंदा सा खिलौना.

कान्हा को बाँहों का झूला झुलाएंगे,
मीठी मीठी लोरी सुनाकर सुलायेंगें,
ममता की बरखा से उसको भिगोना.
जसोदा तेरा लल्ला कितना सलोना

ले गोद कान्हा को गोकुल घुमाएंगे,
गैय्या दिखाएंगें उपवन घुमायेंगें,
मखमल सा कोमल ये गोकुल का छौना है.
जसोदा तेरा लल्ला कितना सलोना

कहते हैं सब ये जग का खिवैय्या है ,
हमारे लिए तो बस ये कन्हैय्या है ,
ये ही हमारा रत्न-धन-सोना है .
जसोदा तेरा लल्ला कितना सलोना

जप ले मन एक नाम साईराम साईराम

जप ले मन एक नाम साईराम साईराम
जप ले मन एक नाम साईराम साईराम -2
शत शत तुझको प्रणाम साईराम साईराम
साईराम साईराम नित्य कहो साईराम-२
मंत्र एक सत्यकाम साईराम साईराम
जप ले मन एक नाम साईराम साईराम
मन की अभिलाष यही वाणी तेरी सुने -2
आँखों की प्यास यही दर्शन तेरा मिले -2
सांसो में तेरे नाम का गुंजन रहे
यही अर्ज सूबह शाम साईराम साईराम
जप ले मन एक नाम साईराम साईराम
तुझ से जो भी मिला वोह तेरा ही भक्त बना -2
तेरी लीलाओं से शिर्डी भी तीर्थ बना -2
जिसके कण कण में बसा तेरा ही मधुर नाम
वही नाम शान्ति धाम साईराम साईराम
जप ले मन एक नाम साईराम साईराम
नाम की लीला अपार नाम की महिमा अन्नंत -2
निस दिन जो नाम जपे दुखो का होवे अंत -२
सबने ही स्वीकारा हों फ़कीर चाहे संत
सभी लेत वही नाम साईराम साईराम
जप ले मन एक नाम साईराम साईराम
शत शत तुझको प्रणाम साईराम साईराम
साईराम साईराम नित्य कहो साईराम

हरि भजन बिना सुख नाहीं रे ।

हरि भजन बिना सुख नाहीं रे ।
नर क्यों बिरथा भटकाई रे ।।
काशी गया द्वारका जावे,
चार धाम तीरथ फिर आवे,
मन की मैल न जाई रे ।
हरि भजन बिना सुख नाहीं रे ।
छाप तिलक बहु भाँत लगाए,
सिर पर जटा विभूत रमाए,
हिरदे शांति न आई रे ।
हरि भजन बिना सुख नाहीं रे ।
वेद पुराण पढ़े बहु भारी,
खण्डन मण्डन उमर गुजारी,
बिरथा लोक बड़ाई रे ।
हरि भजन बिना सुख नाहीं रे ।
चार दिवस जग बीच निवासा,
‘ब्रह्मानन्द’ छोड़ सब आसा,
प्रभु चरनन चित्त लाई रे ।
हरि भजन बिना सुख नाहीं रे ।

श्री लक्ष्मी कवच

गृहाण कवचं शक्र सर्वदुःखविनाशनम्।
परमैश्वर्यजनकं सर्वशत्रुविमर्दनम्।।

ब्रह्मणे च पुरा दत्तं संसारे च जलप्लुते।
यद् धृत्वा जगतां श्रेष्ठः सर्वैश्वर्ययुतो विधिः।।

बभूवुर्मनवः सर्वे सर्वैश्वर्ययुतो यतः।
सर्वैश्वर्यप्रदस्यास्य कवचस्य ऋषिर्विधि।।

पङ्क्तिश्छन्दश्च सा देवी स्वयं पद्मालया सुर।
सिद्धैश्वर्यजपेष्वेव विनियोगः प्रकीर्तित।।
यद् धृत्वा कवचं लोकः सर्वत्र विजयी भवेत्।।

।।मूल कवच पाठ।।
मस्तकं पातु मे पद्मा कण्ठं पातु हरिप्रिया।
नासिकां पातु मे लक्ष्मीः कमला पातु लोचनम्।।

केशान् केशवकान्ता च कपालं कमलालया।
जगत्प्रसूर्गण्डयुग्मं स्कन्धं सम्पत्प्रदा सदा।।

ॐ श्रीं कमलवासिन्यै स्वाहा पृष्ठं सदावतु।
ॐ श्रीं पद्मालयायै स्वाहा वक्षः सदावतु।।
पातु श्रीर्मम कंकालं बाहुयुग्मं च ते नमः।।

ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्म्यै नमः पादौ पातु मे संततं चिरम्।
ॐ ह्रीं श्रीं नमः पद्मायै स्वाहा पातु नितम्बकम्।।

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै स्वाहा सर्वांगं पातु मे सदा।
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै स्वाहा मां पातु सर्वतः।।

।।फलश्रुति।।

इति ते कथितं वत्स सर्वसम्पत्करं परम्। सर्वैश्वर्यप्रदं नाम कवचं परमाद्भुतम्।।
गुरुमभ्यर्च्य विधिवत् कवचं शरयेत्तु यः। कण्ठे वा दक्षिणे बांहौ स सर्वविजयी भवेत्।।
महालक्ष्मीर्गृहं तस्य न जहाति कदाचन। तस्य छायेव सततं सा च जन्मनि जन्मनि।।
इदं कवचमज्ञात्वा भजेल्लक्ष्मीं सुमन्दधीः। शतलक्षप्रजप्तोऽपि न मन्त्रः सिद्धिदायकः।।
।।इति श्रीब्रह्मवैवर्ते इन्द्रं प्रति हरिणोपदिष्टं लक्ष्मीकवचं।।

Wednesday, 27 March 2013

Vishwaroop (2013) - Main Radha Tu Shaam Official HD Song Video


ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा तुम्हे श्रधा नमन हमारा ।

ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा तुम्हे श्रधा नमन हमारा । 
ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा तुम्हे श्रधा नमन हमारा । 

धरती पर रहकर प्रभु तुमने, तन अंबर तक विस्तारा । 
ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा तुम्हे श्रधा नमन हमारा ॥

साई राम साई श्याम, दुःख भंजन तेरौ नाम ।
हे साई नाथ तेरे आने से हुआ, धन्य ये धरती धाम।
ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा तुम्हे श्रधा नमन हमारा
धरती पर रहकर प्रभु तुमने तन अंबर तक विस्तारा
ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा तुम्हे श्रधा नमन हमारा

ईश्वरीय आलोक लिए, प्रभु मानव रूप धरे हो । 
चमत्कार ही चमत्कार से, तुम संपूर्ण भरे हो । 
चमत्कार ही चमत्कार से, तुम संपूर्ण भरे हो ।
सौभाग्य जुड़े तब दशॅऩ का सौभाग्य मीले सुखकारा ॥
ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा, तुम्हे श्रधा नमन हमारा ।
धरती पर रहकर प्रभु तुमने तन अंबर तक विस्तारा ।
ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा तुम्हे श्रधा नमन हमारा ।

हम तो तुमसे जुड़कर बेठे, नाते दुनिया वाले ।
रूप विराट दिखाकर तुमने मन अचरज मै ड़ाले ।
साईं नाथ हमे फिर लोटा दो, वही सहज रूप मनहारा ॥
ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा तुम्हे श्रधा नमन हमारा ।
धरती पर रहकर प्रभु तुमने तन अंबर तक विस्तारा ।
ॐ जय साईनाथ जय साईनाथ, आदि ऩा अंत तुम्हारा तुम्हे श्रधा नमन हमारा ।

नहीयो छड़ना द्वारा तेरा... सुन ले पुकार इक्क वार शेरांवालीये !!

नहीयो छड़ना द्वारा तेरा...
सुन ले पुकार इक्क वार शेरांवालीये !!
सारी दुनिया च चानण तेरे...
सच्चा तेरा द्वार, दरबार शेरांवालीये !!!

करो आसाँ ते मुरादाँ माये पुरियां... 
हो दस्सो का दीयां ने दात्ती मजबुरीयाँ !!
कद्दे बच्चेयां दा ख्याल ना आया... 
अजे तक होया ना दीदार शेरांवालीये !!!
हो नहीयो छड़ना द्वारा तेरे...

कद्दे रोवां दात्ती कद्दे कुर्लावां... 
हो केहेंदे मावां ने ठ्न्दीयाँ छावां !!
दर्र डिग्याँ नु ना ठुकराना...
करो उपकार मै निसार शेरांवालीये !!!
हो नहीयो छड़ना द्वारा तेरे...

तेरे चरणी लगां मै महामाया... 
सानु मिल जाये आँचल दी छाया !!
देदे ममता दी भीख भवानी... 
सच्ची सरकार, कर पार शेरांवालीये !!!
हो नहीयो छड़ना द्वारा तेरा...

कित्ते वैष्णो माँ, दुर्गा तू काली... 
हो चिन्तपुरनी ते कांगढ़े वाली !!
कण -कण विच्च मात समाई... 
ज़ोय्त इक, रूप ने हजार शेरांवालीये !!!
हो नहीयो छड़ना द्वारा तेरा...

हो... नहीयो छड़ना द्वारा तेरा... 
सुन ले पुकार इक्क वार शेरांवालीये !!
सारी दुनिया च चानण तेरे...
सच्चा तेरा द्वार, दरबार शेरांवालीये !!!

दया करो साँई दया करो अब तो हम पर दया करो

दया करो साँई दया करो अब तो हम पर दया करो
दया करो साँई दया करो अब तो हम पर दया करो
देर भई बड़ी देर भई अब न देर लगाया करो
दया करो साँई दया करो
मुद्दत हो गई हाथ पसारे कभी सुनी फ़रियाद नहीं
साँई बाबा इन बच्चों की आई तुम्हें क्यों याद नहीं
हम हैं बड़े कमज़ोर हमारा सबर न यूँ आज़माया करो
दया करो साँई दया करो
धूनी रमाई अलख जगाई बिगड़ी बनादो साँई राम
जग है भिखारी दुनिया सारी सबके हो तुम दाता राम
जीते हैं जो तेरे सहारे उनको न यूँ तड़पाया करो
दया करो साँई दया करो
कण-कण में बसते हो साँई हम ढूँढें तुझे मन्दिर में
हम नादान हैं मूरख बालक साँई बसे मन मन्दिर में
छोड़ेंगे न चरण तुम्हारे चाहे हमें ठुकराया करो
दया करो साँई दया करो अब तो हम पर दया करो
देर भई बड़ी देर भई अब न देर लगाया करो
दया करो साँई दया करो

आज बृज में होली रे रसिया। होरी रे रसिया, बरजोरी रे रसिया॥

आज बृज में होली रे रसिया।
होरी रे रसिया, बरजोरी रे रसिया॥
अपने अपने घर से निकसी,
कोई श्यामल कोई गोरी रे रसिया।
कौन गावं केकुंवर कन्हिया,
कौन गावं राधा गोरी रे रसिया।
नन्द गावं के कुंवर कन्हिया,
बरसाने की राधा गोरी रे रसिया।
कौन वरण के कुंवर कन्हिया,
कौन वरण राधा गोरी रे रसिया।
श्याम वरण के कुंवर कन्हिया प्यारे,
गौर वरण राधा गोरी रे रसिया।
इत ते आए कुंवर कन्हिया,
उत ते राधा गोरी रे रसिया।
कौन के हाथ कनक पिचकारी,
कौन के हाथ कमोरी रे रसिया।
कृष्ण के हाथ कनक पिचकारी,
राधा के हाथ कमोरी रे रसिया।
उडत गुलाल लाल भए बादल,
मारत भर भर झोरी रे रसिया।
अबीर गुलाल के बादल छाए,
धूम मचाई रे सब मिल सखिया।
चन्द्र सखी भज बाल कृष्ण छवि,
चिर जीवो यह जोड़ी रे रसिया।

Tuesday, 26 March 2013

Thoda-Thoda Kaam Shri Rama Ji Karenge Thoda-Thoda Kaam Hanuman Ji Karenge


"Rama Bina Hanuman Nahi
Hanuman Bina Shri Rama
Ek Hai Maalik, Ek Hai Sewak
Rishta Bada Mahaan
Naiya Shaupo Hanuman Ko Woh Hi Naav Chalaye
Karo Bharosa Shri Rama Par Woh Hi Paar Lagaye"

Thoda-Thoda Kaam Shri Rama Ji Karenge
Thoda-Thoda Kaam Hanuman Ji Karenge
Thoda-Thoda Kaam Hanuman Ji Karenge
Thoda-Thoda Kaam Shri Rama Ji Karenge
Thoda-Thoda Kaam Hanuman Ji Karenge

Naiya Tumhari Jag Saagar Mein
Naiya Tumhari Jag Saagar Mein
Beda Tumhara Bhav Saagar Mein
Beda Tumhara Bhav Saagar Mein
Beda Tera Paar Sri Rama Ji Karenge
Beda Tera Paar Sri Rama Ji Karenge
Beda Tera Paar Sri Rama Ji Karenge
Naiya Teri Paar Hanuman Ji Karenge
Naiya Teri Paar Hanuman Ji Karenge
Naiya Teri Paar Hanuman Ji Karenge


Thoda-Thoda Kaam Shri Rama Ji Karenge
Thoda-Thoda Kaam Hanuman Ji Karenge
Thoda-Thoda Kaam Hanuman Ji Karenge
Thoda-Thoda Kaam Shri Rama Ji Karenge
Thoda-Thoda Kaam Hanuman Ji Karenge

Kaun Hai Jo Teri Laaj Bachaye
Kaun Hai Jo Teri Laaj Bachaye
Kaun Hai Jo Tera Sankat Mitaye
Kaun Hai Jo Tera Sankat Mitaye
Laaj Teri Prabhu Shri Rama Ji Rakhenge
Laaj Teri Prabhu Shri Rama Ji Rakhenge
Laaj Teri Prabhu Shri Rama Ji Rakhenge
Dukh Tera Door Hanuman Ji Karenge
Dukh Tera Door Hanuman Ji Karenge


Thoda-Thoda Kaam Shri Rama Ji Karenge
Thoda-Thoda Kaam Hanuman Ji Karenge
Thoda-Thoda Kaam Hanuman Ji Karenge
Thoda-Thoda Kaam Shri Rama Ji Karenge
Thoda-Thoda Kaam Hanuman Ji Karenge

Bhakti Bina Na Mukti Milegi
Bhakti Bina Na Mukti Milegi
Banwari Dil Mein Na Jyoti Jalegi
Banwari Dil Mein Na Jyoti Jalegi
Mukti Wala Kaam Sri Rama Ji Karenge
Mukti Wala Kaam Sri Rama Ji Karenge
Mukti Wala Kaam Sri Rama Ji Karenge
Bhakti Wala Kaam Hanuman Ji Karenge
Bhakti Wala Kaam Hanuman Ji Karenge

Thoda-Thoda Kaam Shri Rama Ji Karenge

Thoda-Thoda Kaam Hanuman Ji Karenge
Thoda-Thoda Kaam Hanuman Ji Karenge
Thoda-Thoda Kaam Shri Rama Ji Karenge
Thoda-Thoda Kaam Hanuman Ji Karenge


Ho Rahi Jai Jai Kaar Bajrang Bala Ki

Ho Rahi Jai Jai Kaar Bajrang Bala Ki
Ho Rahi Jai Jai Kaar Bajrang Bala Ki
Ho Rahi Jai Jai Kaar Bajrang Bala Ki
Ho Rahi Jai Jai Kaar Bajrang Bala Ki
Mahima Aprampaar Bajrang Bala Ki
Jai Ho
Ho Rahi Jai Jai Kaar Bajrang Bala Ki
Ho Rahi Jai Jai Kaar Bajrang Bala Ki 
Mahima Aprampaar Bajrang Bala Ki
Jai Ho
Ho Rahi Jai Jai Kaar Bajrang Bala Ki
Ho Rahi Jai Jai Kaar Bajrang Bala Ki

Baat Rahe Sukh Nij Bhakton Ko
Grah-Grahshti, Sadhu-Santon Ko
Grah-Grahshti, Sadhu-Santon Ko  

Baat Rahe Sukh Nij Bhakton Ko
Grah-Grahshti, Sadhu-Santon Ko
Grah-Grahshti, Sadhu-Santon Ko  
Karuna Mile Aapar Bajrang Bala Ki
Jai Ho
Ho Rahi Jai Jai Kaar Bajrang Bala Ki
Ho Rahi Jai Jai Kaar Bajrang Bala Ki

Bade-Bade Raja aur Dani
Inke Aage Bharte Hai Pani
Inke Aage Bharte Hai Pani
Bade-Bade Raja aur Dani
Inke Aage Bharte Hai Pani
Inke Aage Bharte Hai Pani
Khoob Chale Sarkar Bajrang Bala Ki 
Jai Ho
Ho Rahi Jai Jai Kaar Bajrang Bala Ki
Ho Rahi Jai Jai Kaar Bajrang Bala Ki

Pavan-Putra Jab Gada Uthate
Bhoot- Pret Tab Nazar Na Aate
Bhoot- Pret Tab Nazar Na Aate
Pavan-Putra Jab Gada Uthate
Bhoot- Pret Tab Nazar Na Aate
Bhoot- Pret Tab Nazar Na Aate
Seh Na Sake Woh Maar Bajrang Bala Ki
Jai Ho
Ho Rahi Jai Jai Kaar Bajrang Bala Ki
Ho Rahi Jai Jai Kaar Bajrang Bala Ki

Mahima Aprampaar Bajrang Bala Ki
Jai Ho
Ho Rahi Jai Jai Kaar Bajrang Bala Ki
Ho Rahi Jai Jai Kaar Bajrang Bala Ki 
Mahima Aprampaar Bajrang Bala Ki
Jai Ho
Ho Rahi Jai Jai Kaar Bajrang Bala Ki
Ho Rahi Jai Jai Kaar Bajrang Bala Ki

Bajrang Bali Kripa Karke Tum Mujhe Basa Lo Charnan Mein

Bajrang Bali Kripa Karke Tum Mujhe Basa Lo Charnan Mein
Bajrang Bali Kripa Karke Tum Mujhe Basa Lo Charnan Mein
Bajrang Bali Kripa Karke

Tere Darshan Ki Abhilasha Hai
Yeh Das Bada Hi Pyasa Hai 

Tere Darshan Ki Abhilasha Hai
Yeh Das Bada Hi Pyasa Hai 
Main Tumhein Basa Lu Nainan Mein
Tu Mujhe Basa Lo Charnan Mein
Bajrang Bali Kripa Karke Tum Mujhe Basa Lo Charnan Mein
Bajrang Bali Kripa Karke

Tum Bhaktan Ke Dukhbhajan Ho
Balwan Ho Kesarinandan Ho

Tum Bhaktan Ke Dukhbhajan Ho
Balwan Ho Kesarinandan Ho
Tumhein Dekh Lu Mann Ke Darpan Mein
Tum Mujhe Basa Lo Charnan Mein


Bajrang Bali Kripa Karke Tum Mujhe Basa Lo Charnan Mein
Bajrang Bali Kripa Karke

Balveer Ho Tum, Mahaveer Ho Tum
Mangalmurat Ranveer Ho Tum

Balveer Ho Tum, Mahaveer Ho Tum
Mangalmurat Ranveer Ho Tum
Bas Rehte Ho Meri Aakhiyan Mein



Tum Mujhe Basa Lo Charnan Mein


Bajrang Bali Kripa Karke Tum Mujhe Basa Lo Charnan Mein
Bajrang Bali Kripa Karke

Tum Rama Ke Kaj Savare Ho
Tum Deen Dukhi Ko Taare Ho

Tum Rama Ke Kaj Savare Ho
Tum Deen Dukhi Ko Taare Ho
Mujhe Dedo Sharan Bas Charnan Mein

Tum Mujhe Basa Lo Charnan Mein


Bajrang Bali Kripa Karke Tum Mujhe Basa Lo Charnan Mein
Bajrang Bali Kripa Karke

Balveer Ho Tum, Bajrangi Ho
Tum Premsumati Ke Sangi Ho

Balveer Ho Tum, Bajrangi Ho
Tum Premsumati Ke Sangi Ho

Tum Rehte Ho Mann Ki Bagiyan Mein
Tum Mujhe Basa Lo Charnan Mein


Bajrang Bali Kripa Karke Tum Mujhe Basa Lo Charnan Mein
Bajrang Bali Kripa Karke Tum Mujhe Basa Lo Charnan Mein
Bajrang Bali Kripa Karke







Monday, 25 March 2013

हनुमत तुम्ही हो पालनहार

|| हनुमत तुम्ही हो पालनहार ||

नहीं मिला है और किसी को सियाराम से ये अधिकार |
केवल तुम ही सुन सकते हो दीन-हीन की चीख पुकार ||
इस कलयुग में सिर्फ चलेगा हनुमान तेरा ही सिक्का |
हनुमत तेरे आगे नहीं चलेगा कोई भी इक्का-दुक्का ||
तुम्ही कर सकते हो स्वामी दीन दुखियों का बेडा पार |
क्योकि तुम्हे दिया है सियाराम ने इन कामो का अधिकार ||
कलयुग में उद्धार सभी का होगा पवनपुत्र तेरे ही हाथ |
सियाराम का आशीर्वाद फलेगा जब होगा तुम्हारा साथ ||
इस कलयुग में तुम्ही रहोगे प्रभु के कामो के आधार |
क्योकि तुम्ही ही कर सकते हो प्रभु के भक्तो का उद्धार ||
भली तरह से देखकर ही ‘श्याम’ तेरी शरण में आया |
क्योकि तेरे द्वार से बढ़कर उसे कोई द्वार नहीं भाया ||
बड़ा भरोसा हैं मुझको प्रभु नहीं करोगे तुम इनकार |
क्योकि तुम्ही हो प्रभु हम भक्तो के सबसे बड़े पालनहार |

Sunday, 24 March 2013

Are re meri jaan hai Radha Tere pe qurbaan mai Radha



(Are re meri jaan hai Radha
Tere pe qurbaan mai Radha) 2
Rah na sakunga tumse duur mai
Jab bhi bane tu Radha Shaam banunga
jab bhi bane tu Sita Ram banunga
(Tere bina adha Subaho shaam kahunga) 2
Asman se Radha Radha naam kahunga

Arae re meri jaan hai Radha
Tere pe qurbaan mai Radha
Rah na sakunga tumse duur mai

Sundar nain vishaal mohini soorat pyari hai
Kitni gwalan gopiyan tu sabse nyari hai
(Tum bin rah se jaun kaise jaanat sari hai) 2
Shaam ki dil ki rani tu barsaane wali hai

Are re meri jaan hai Radha
Tere pe qurbaan mai Radha
Rah na sakunga tumse duur mai

Tera hi to naam pukare bansi gori ri
Duniya bhi pehchane Radha mehak tori ri
(Tune ki ni nainan se meri mann ki chori ri) 2
kaisi joDi Krishan kara Radha Gori ri

Are re meri jaan hai Radha
Tere pe qurbaan mai Radha
Rah na sakunga tumse duur mai

Hichki aye Radha teri yaad satati hai
Yamuna ki lehron mein teri jhalak si ati hai
(Saj dhaj ke sakhiyon me tu panghat jati hai) 2
Sookhi dharti me bhi preet ki kamar hilati hai

(Are re meri jaan hai Radha
Tere pe qurbaan mai Radha) 2
Rah na sakunga tumse duur mai
Jab bhi bane tu Radha Shaam banunga
jab bhi bane tu Sita Ram banunga
(Tere bina adha Subah o shaam kahunga) 2
Asman se Radha Radha naam kahunga

Are re meri jaan hai Radha
Tere pe qurbaan mai Radha
Rah na sakunga tumse duur mai

राम-राम रट भैया, तू राम-राम रट भैया॥

रामनाम की महिमा भारी, राम ही कृष्ण-कन्हैया।
राम-राम रट भैया, तू राम-राम रट भैया॥

एक जगत का सार वही हैं। नौका वो, पतवार वही हैं॥
जीवन का आधार वही हैं। दाता वो, सरकार वही हैं॥
राम बसें जिस देश वहाँ सुख करता ता-ता-थैया।
राम-राम रट भैया, तू राम-राम रट भैया॥

नीर बिना है मछली जैसे। राम बिना है आत्मा वैसे॥
ज्यों सूरज से अम्बर चमके। त्यौं रघुवर से आत्मा दमके॥
रामनाम रस पी के झूमें पर्वत, तरु, ताल-तलैया।
राम-राम रट भैया, तू राम-राम रट भैया॥

जो राघव में चित्त रमाए। बजरंगी के मन को भाए॥
लगता है सारा जग अच्छा। खुद हनुमत करते हैं रक्षा॥
रामभजन गाओ सब मिल के, बन जाओ एक गवैया।
राम-राम रट भैया, तू राम-राम रट भैया॥

Shyam piya more rang de chunaria

Shyam piya more rang de chunaria - 2
Rang de chunaria - 2
Shyam piya more rang de chunaria 
Aisi rang de ke rang nahi chhoote
Aisi rang de rang de rang de ki rang nahi choote
Dhobiya doye chahe ye sari umariya 
O shyam piya more rang de chunaria
Shyam piya more rang de chunaria
Rang de
Rang de chunaria 

Lal na rangavu mei
Hari na rangavu
Apne hi rang mein rang de chunaria 
O shyam piya more rang de chunaria
Shyam piya more rang de chunaria
Rang de
Rang de chunaria 

Bina rangaye mai to ghar nahi jaungi
Bina rangaye mai to ghar nahi jaungi
Beet hi jaye chahe sari umariya
Shyam piya more rang de chunaria 

Meera ke prabhu giridhar nagar
Jal se patla koun hai
Kaun bhumi se bhari
Kaun agn se tej hai
Kaun kajal se kali 
Jal se patla gyan hai
Aur paap bhumi se bhari
Krodh agn se tej hai
Aur kalank kajal se kali 
Meera ke prabhu giridhar nagar
Prabhu charanan me hari charanan me
Shyam charanan me lagi nazariya 

O shyam piya more Rang de chunaria

Sri Vishnu Chalisa

Sri Vishnu Chalisa
 
Jai jai jai shri jagat pati, jagadadhar anant
Vishveshvar akhilesh aj, Sarveshvar Bhagvant.

Jai jai Dhranidhar shruti sagar
jayati Gadadhar sadgun agar.

Shri Vasudev Devaki nandan
Vasudev, nasan-bhav-phandan.

Namo-namo sacharachar-svami
paranbrahma prabhu namo namo namami.

Namo-namo Tribhuvan pati Ish
Kamala pati keshav yogish.

Garudadhvaj aj, bhav bhai hari
Murlidhar Hari Madan murari.

Narayan shripati Purshottam
Padmanabhi narhari sarvottam.

Jai Madhav Mukuud,
vanmali khal dal mardan, daman-kuchali.

Jai aganit indniya sarangdhar
vishva rup Vaman anand kar.

Jai jai lokadhyaksh-dhananijai
sahastragya Jaganath jayati jai.

Jai Madhusudan anupam anan
jayati Vayu-vahan vajra kanan.

Jai Govind Janardan deva
shubh phal lahat gahat tav seva.

Shyam saroruh sam tan sohat
darsha karat, sur nar muni mohat.

Bhai vishal mukut shir sajat
ur vaijanti mal virajat.

Tirchhi Bhrikuti chap janu dhare
tin-tar nain kamal arunare.

Nasha chibuk kapol manohar
mridu muskan kunj adharan par.

Janu mani pankti dashan man bhavan
basan pit tan param suhavan.

Rup chaturbhuj bhushit bhushan
varad hast, mochan bhav dushan.

Kanjarun sam kartal sundar
sukh samuh gun madhur samundar.

Kar mahan lasit shankh ati pyara
subhag shabda jai dene hara.

Ravi sam chakra dvitiya kar dhare
khal dal danav sainya sanhare.

Tritiya hast mahan gada prakashan
sada tap-traya-pap vinashan.

Padma chaturth hath mahah dhare
chari padarath dene hare.

Vahan Garud manogativana
tihun tyagat, jan hit Bhagvana.

Pahunchi tahan pat rakhat svami
ko Hari sam bhaktan anugami.

Dhani-dhani mahima again ananta
dhanya bhaktavatsal Bhagvanta.

Jab-jab surahin asur dukhdinha
taba tab prakati, kasht Hari linha.

Sab sur-muni Brahmadi Maheshu
sahi na sakyo ati kathin kaleshu.

Tab tahan dhari bahu rup nirantar
mardyo-dal danvahi bhayahkar.

Shaiyya shesh, Sindhu bich sajit
sang Lakshmi sada-virajit.

Puran shakti dhanya-dhan-khani
anand bhakti bharani sukh dani.

Jasu virad nigamagam gavat
sharad shesh par nahin pavat.

Rama Radhika Siya sukh dhama
sohi Vishnu Krishna aru Rama.

Aganit rup anup apara
nirgun sagun svarup tumhara.

Nahin kachhu bhed ved as bhashat
bhaktan se nahin antar rakhat.

Shri Prayag-Durvasa-dhama
Sundardas Tivari grama.

Jag hit lagi tumahin Jagdisha
nij-mati rachyo Vishnu-chalisa.

Jo chit dai nit padhat padhavat
puran bhakti shakti sarsavat.

Ati sukh vasat, ruj rin nasat
vaibhav vikashat, sumati prakashat.

Avat sukh, gavat shruti sharad
bhashat Vyas-bachan nishi Narad.

Milat subhag phal shok nasavat
ant sainaya jan Han pad pavat.

Doha
Prem sahit gahi dhyan mahan, hridai bich Jagdish,
Arpit Shaligram kahan, kari Tulasi nit shish.
Kshan bhangur tanu jani, kari ahankar parihar.
Sar rup Ishvar lakhai, taji asar sansar,
Satya shodh kari ur gahai, ek Brahma Onkar,
Atma bodh hovai tabai, milai mukti ke dvar.
Shanti aur sadbhav kahan, jab ur phulahin phul,
Chalisa phal lahahin jan, rahahi Ish anukul.
Ek path jan nit karai, Vishnu dev chalis,

Jai Sri Vishnu !

चिन्ता से भरा दिल सांई को देदे तुझे दौनौं जहां का सुख चैन मिलेगा

चिन्ता से भरा दिल सांई को देदे
तुझे दौनौं जहां का सुख चैन मिलेगा
चिन्ता से भरा दिल सांई को देदे
कभी दिन उजियारा कभी रैन अंधेरीकभी मन हरियाली कभी झोली खाली
वो सब कुछ जाने कब क्या देना है
हर पग पे करेगा तेरी रखवाली
तू पकड़ के रखियो विशवास कि डोरी
वो जहां मिला था फिर वहीं मिलेगा
चिन्ता से भरा दिल……………
स्वीकार किया है हमें सांई ने जब से
ख़ुद को पहचाना जग को पहचाना
मुश्किल से मिली है सदगुरू कि चौखट 
मुश्किल से मिला है हमें एक ठिकाना
लगता है सभी हम किस्मत के धनी हैं
अब एसी जगह से कहो कौन हिलेगा 
चिन्ता से भरा दिल………………
हो सकता है इक दिन तुम्हैं नींद आजाये
तुम रोम-रोम को ज़रा बोल के रखना
बंद भी हो जाएं जग के दरवाज़े
तुम मन की खिड़की सदा खोल के रखना
किस रात मैं सांई कब चुपके-चुपके
अपने भक्तों से ख़ुद आन मिलेगा
चिन्ता से भरा दिल सांई को देदे
तुझे दौनौं जहां का सुख चैन मिलेगा

फिर पतझड़ में भी तेरी बगिया में सांई रहमत का फूल खिलेगा
चिन्ता से भरा दिल सांई को देदे

तुने मेरी जीवन नैया दरिया पार है लायी मेरे साई ओ मेरे साई मेरे साई

तुने मेरी जीवन नैया दरिया पार है लायी 
मेरे साई ओ मेरे साई मेरे साई 

अँधेरा ही अँधेरा मन में भटक रहा था मैं बन बन में
अँधेरा ही अँधेरा मन में भटक रहा था मैं बन बन में
तेरे ही चरणों मैंने नई रौशनी पाई मेरे साई ओ मेरे साई मेरे साई 

कोई नही था वारी मेरा दामन भी था खाली मेरा
कोई नही था वारी मेरा दामन भी था खाली मेरा
राम तुही और अलह तुही राम तुही और अलह तुही सबकी करे भलाई 
मेरे साई ओ मेरे साई मेरे साई 

दर्शन की यह आस है मेरी बाबा करदी तुने पूरी 
दर्शन की यह आस है मेरी बाबा करदी तुने पूरी
तुही दाता तुही विधाता तुही दाता तुही विधाता भक्त गणों के भाई 
मेरे साई ओ मेरे साई मेरे साई 

बाबा तेरी नेक दुआ से जीवन सबका पार हुआ है
बाबा तेरी नेक दुआ से जीवन सबका पार हुआ है
झूम उठा यह तनमन सारा झूम उठा यह तनमन सारा तेरी महिमा गाई
मेरे साई ओ मेरे साई मेरे साई 

तुने मेरी जीवन नैया दरिया पार है लायी 
मेरे साई ओ मेरे साई मेरे साई

Saturday, 23 March 2013

सारे आलम में बढ़कर है, माँ शेरावाली का दरबार |

सारे आलम में बढ़कर है, माँ शेरावाली का दरबार |
एक बार जो पहुँच गया, वो आना चाहे बारम्बार ||

यहाँ ठिकाना मिलता है, हर एक आने वाले को |
मैया भी देती हैं आदर, हर एक बुलाने वाले को ||

इसीलिए सारे ब्रह्माण्ड में, होता है माँ का जयकार |
सारे आलम में बढ़कर है, माँ शेरावाली का दरबार ||

नजरो के एक इशारे से, यहाँ झोली भर दी जाती है |
नहीं जरूरत है कहने की, सूरत ही पढ़ ली जाती है ||

किसी को मिले संतान, किसी को दौलत का अम्बार |
सारे आलम में बढ़कर है, माँ शेरावाली का दरबार ||

‘श्याम’ बना यहाँ बंसीवाला , राम भी बना धनुधारी |
विष्णु को मिला चक्र सुदर्शन , भोले बन गए भंडारी ||

मंगता नहीं बना इस दर कोई , माँ ऐसा तेरा प्यार |
सारे आलम में बढ़कर है , माँ शेरावाली का दरबार ||

॥ राधाकृष्णाष्टकम् ॥

॥ राधाकृष्णाष्टकम् ॥

कृष्णप्रेममयी राधा राधाप्रेममयो हरिः।
जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम ॥१॥

कृष्णस्य द्रविणं राधा राधायाः द्रविणं हरिः।
जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम ॥२॥

कृष्णप्राणमयी राधा राधाप्राणमयो हरिः।
जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम ॥३॥

कृष्णद्रवामयी राधा राधाद्रवामयो हरिः।
जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम ॥४॥

कृष्ण गेहे स्थिता राधा राधा गेहे स्थितो हरिः।
जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम ॥५॥

कृष्णचित्तस्थिता राधा राधाचित्स्थितो हरिः।
जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम ॥६॥

नीलाम्बरा धरा राधा पीताम्बरो धरो हरिः।
जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम ॥७॥

वृन्दावनेश्वरी राधा कृष्णो वृन्दावनेश्वरः।
जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम ॥८॥

श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम

श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम
लोग करें मीरा को यूँही बदनाम...

सांवरे की बंसी को बजने से काम
राधा का भी श्याम वो तो मीरा का भी श्याम...

जमुना की लहरें बंसी बजती सैयां,
किसका नहीं है कहो कृष्ण कन्हैया
श्याम का दीवाना तो सारा ब्रिजधाम
लोग करें मीरा को यूँही बदनाम.....

सांवरे की बंसी को बजने से काम
राधा का भी श्याम वो तो मीरा का भी श्याम...

कौन जाने बांसुरिया किसको बुलाये
जिसके मन भाए वो तो उसी के गुण गाए...
कौन नहीं बंसी की धुन का गुलाम
राधा का भी श्याम वो तो मीरा का भी श्याम...

श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम..
लोग करें मीरा को यूँही बदनाम... !!!

Mata rani ka dhayan dhariye, Kaam jab bhi koi kariye


Mata rani ka dhayan dhariye - 2
Kaam jab bhi koi kariye (x2)
Jai mata di jai mata di
Mil kar sab jan bolo (x2) 


Mata rani ka dhayan dhariye - 2
Kaam jab bhi koi kariye 
Koi muskil ho pal mein talegi
Har jagah per safalta milegi (x2)
Sachhe dil se pranam kariye - 2
Kaam jab bhi koi kariye Jai mata di jai mata di
Mil kar sab jan bolo (x2)
Mata rani ka dhayan dhariye
Kaam jab bhi koi kariye Roop inka sabse nirala
Isi roop se hai jag mein ujala (x2)
Naam inka sada sumariye - 2
Kaam jab bhi koi kariye Jai mata di jai mata di
Mil kar sab jan bolo (x2)
Mata rani ka dhayan dhariye
Kaam jab bhi koi kariye Maa ki karo dil se bhakti
Bhakti deti hai jeene ki shakti (x2)
Jag mein phir na kisi se dariye
Kaam jab bhi koi kariye Jai mata di jai mata di
Mil kar sab jan bolo (x2)
Mata rani ka dhayan dhariye
Kaam jab bhi koi kariye