Wednesday, 27 February 2013

अंजनी के लाल दुलारा


मेरी विनती सुनो हनुमान, धरूँ तेरा ध्यान,
पवन का प्यारा, अंजनी के लाल दुलारा ।।

सिर मुकुट गले फूल माला, श्री लाल लंगोटे वाला,
थारे कुण्डल झलके कान चन्द्र उजियारा ।। अंजनी ।।

शिव शंकर के अवतारी, सियाराम के आज्ञाकारी,
हो पवन पुत्र बलवान, तेज अति भारी... ।। अंजनी ।।

अहिरावण मार गिराये, लक्ष्मण के प्राण बचाये,
श्रीराम के भक्त सुजान, किया निसतारा... ।। अंजनी ।।

नित नाम रटूं मैं तेरा, दुःख संकट हरियो मेरा,
कहै अनतू करो कल्याण, मै भगत तुम्हारा... ।। अंजनी ।

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