Sunday, 6 November 2011

जय जय नारायण नारायण हरि हरि

जय जय नारायण नारायण हरि हरि
स्वामी नारायण नारायण हरि हरि

तेरी लीला सबसे न्यारी - न्यारी 
हरि हरि
तेरी महिमा , तेरी महिमा,
तेरी महिमा प्रभु है प्यारी प्यारी 
हरि हरि

जय जय नारायण नारायण 
हरि हरि 
स्वामी नारायण नारायण हरि हरि
अलख निरंजन भाव भय भंजन जन्म निरंजन दाता
हमे शरण दे अपने चरण में कर निर्भय जगा त्राता
तूने  लाखों की नैया तारी तारी हरी हरी
जय जय नारायण नारायण हरि हरि 
स्वामी नारायण नारायण हरि हरि

प्रभु के नाम का परस जो छूले , वोह हो जाये सोना
दो अक्षर का शब्द 
हरि है लेकिन बड़ा सलोना
उसने संकट टाले भारी भारी 
हरि हरि

जय जय नारायण नारायण 
हरि हरि 
स्वामी नारायण नारायण हरि हरि

तेरी लीला सबसे न्यारी - न्यारी 
हरि हरि
तेरी महिमा , तेरी महिमा,
तेरी महिमा प्रभु है प्यारी प्यारी 
हरि हरि

जय जय नारायण नारायण 
हरि हरि 
स्वामी नारायण नारायण हरि हरि

No comments:

Post a Comment