Tuesday, 6 September 2011

Hey maruti saari ram kataha ka saar tumhari aankhon mein - हे मारुति सारी राम कथा का सार तुम्हारी आँखों में

हे मारुति
हे मारुति सारी राम कथा का सार तुम्हारी आँखों में
दुनियाँ भर की भक्ति का हैं भंडार तुम्हारी आँखों में
हे मारुति सारी राम कथा का सार तुम्हारी आँखों में
जै जय जय बजरंगबली, जै जय जय बजरंगबली...२


लंका को तुम्ही ने जलाया था, जलाया था, जलाया था
रावण को तुम्हीं ने हिलाया था, हिलाया था, हिलाया था
संजीविनी बुटी लाकर के - २
लक्ष्मन को तुम्ही ने जिलाया था, जिलाया था, जिलाया था
रहते हैं सदा रघुनन्दनजी - २
साकार तुम्हारी आँखों में
हे मारुति
हे मारुति सारी राम कथा का सार तुम्हारी आँखों में
दुनियाँ भर की भक्ति का हैं भंडार तुम्हारी आँखों में
हे मारुति सारी राम कथा का सार तुम्हारी आँखों में
जै जय जय बजरंगबली, जै जय जय बजरंगबली...२


तुम सचमुच संकटमोचन हो, संकटमोचन हो
शंकर की तरह त्रिलोचन हो, त्रिलोचन हो
जिसपर हो तुम्हारी कृपा हो उसे - २,
कभी कष्ट ना हो कभी सोच ना हो, कभी कष्ट ना हो कभी सोच ना हो
चिंता जो काट करके रख दे - २
वो तलवार तुम्हारी आँखों में
हे मारुति
हे मारुति सारी राम कथा का सार तुम्हारी आँखों में
दुनियाँ भर की भक्ति का हैं भंडार तुम्हारी आँखों में
हे मारुति सारी राम कथा का सार तुम्हारी आँखों में
जै जय जय बजरंगबली, जै जय जय बजरंगबली...२

No comments:

Post a Comment