Friday, 22 July 2011

श्री माँ वैभव लक्ष्मी माता जी की आरती

श्री माँ वैभव लक्ष्मी माता जी की आरती
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता,
तुमको निशदिन सेवत, हरी विष्णु विधाता; ॐ जय लक्ष्मी माता.

उमा रमा ब्रह्मणि तुम्ही जगमाता,
सूर्य चन्द्रमा ध्यावत नारद ऋषि गाता; ओं जय लक्ष्मी माता.

दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पति दाता,
जो कोई तुमको ध्यावत, रिद्धि सिद्धि धन पाता; ॐ जय लक्ष्मी माता.

तुम पातळ निवासिनी, तुम ही शुभ दाता,
कर्म प्रभाव् प्रकाशिनी, भव निधि की त्राता; ॐ जय लक्ष्मी माता.

जिस घर में तुम रहती, सुब सद्गुण आता,
सुब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता; ॐ जय लक्ष्मी माता.

तुम बिन यज्ञ न होवे, वस्त्र न कोई पाता,
खान पान का वैभव, सुब तुमसे आता; ॐ जय लक्ष्मी माता.

शुभ गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि जाता,
रतन चतुर्श्दुश तुन बिन, कोई नहीं पाता; ॐ जय लक्ष्मी माता.

महा लक्ष्मी जी की आरती, जो कोई नर गाता,
उर आनंद समाता, पाप उतर जाता; ॐ जय लक्ष्मी माता.

बोलो महा लक्ष्मी जी की जय!!

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