Tuesday, 14 June 2011

संकट मोचन तू कहलाये

संकट मोचन तू कहलाये 
राम बिना तुझे कुछ न भाये 
तेरा द्वार् जो भी खट् काये 
बिन् कुछ पाये घर नही जाये

दुर्बल् को बलवान बनाये
हर संकट पल मे टल जाये
तेरा गान करे जो कोयी
उसे न कोयी विपदा होयी

हर मुष्किल आसान तु कर् दे
भक्तजनों के दुःख तू हर ले
मन के अंधियारों को मिटा के
भवसागर से पार करादे

सच्चिदानंद हे प्रिय हनुमान
दूर करो मेरा अज्ञान
थका बहुत जीवन चक्कर से
कृपा निधान दो निर्वाण

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