Wednesday, 13 April 2011

कंधे पर दो वीर बिठाकर चले वीर हनुमान

दुर्गम पर्वत मार्ग के 
निज सेवक के संग आइये स्वामी
भक्त के कंधे पर आन विराजिए
भक्त का मान बढाईये स्वामी
***
ऐसे भक्त कहाँ, कहाँ जग में ऐसे भगवान् - २ 
कंधे पर दो वीर बिठाकर चले वीर हनुमान - २     

No comments:

Post a Comment