Friday, 12 November 2010

हे माँ

हे माँ
तू जग की तारिणी
तू सर्वमंगल कारिणी,
तू शुंभ निशुंभ संहारिणी
तू सर्व कष्ट निवारिणी हे
तू महिष दानव मर्दिनी काली है
तू ही कपालिनी हे माँ
तू सृष्टि सृजन करे
तू ही दानवों का दलन करे दुर्गा तू ही लक्ष्मी तू ही
तू ही सरस्वती का स्वरूप है कण कण में तू ही समाई है
तू ही छाँव है तू ही धूप है
हे शैलपुत्री नमोस्तुते,
हे ब्रह्मचरणी नमोस्तुते,
हे चन्द्रघण्टा नमोस्तुते
हे माँ कूष्माण्डा नमोस्तुते,
हे स्कन्दमाता नमोस्तुते,
हे कात्यायनी देवी नमोस्तुते
हे कालरात्रि नमोस्तुते,
हे महागौरी नमोस्तुते,
हे सिद्धिदात्री नमोस्तुते
तू ही आदिशक्ति
नमोस्तुते नमोस्तुते नमोस्तुते नमोस्तुते नमोस्तुते...

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