Tuesday, 25 May 2010

बड़ी देर भई नन्दलाला

ओओओओओओओओओ

बड़ी देर भई नन्दलाला
तेरी राह टके बृजवाला - 2
ग्वाल बाल इक इक से पूछे
कहाँ है मुरली वाला
बड़ी देर भई नन्दलाला
तेरी राह टके बृजवाला -2




कोई ना जाये कुंज गली में
तुझ बिन कलियाँ चुनने को
तरस रहे है.............
तरस रहे है यमुना के तट
धुन मुरली की सुनने को
अब तो दरस दिखा दे नटखट
क्यों दुविधा में डाला रे
बड़ी देर भई नन्दलाला
तेरी राह टके बृजवाला




संकट में है आज वो धरती
जिस पर तूने जन्म लिया - 2
पूरा कर दे ओओओओओओ
पूरा कर दे आज वचन
जो गीता में जो तूने दिया
कोई नहीं ह तुझ बिन मोहन
भारत का रखवाला
बड़ी देर भई नन्दलाला
तेरी राह टके बृजवाला – 2




ग्वाल बाल इक इक से पूछे
कहाँ है मुरली वाला
बड़ी देर भई नन्दलाला
तेरी राह टके बृजवाला -2

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